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विभागीय अफसरों की अपडाउन पद्धति पर नहीं लगा अंकुश

3 वर्ष पहले
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विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की अपडाउन पद्धति पर रोक लगाने के लिए शासन ने कई प्रयास किए हैं, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों एवं कलेक्टर को भी लिखा गया है, लेकिन अधिकारी अपनी आदत से बात नहीं आए हैं। अपडाउन पद्धति के कारण एक ओर नगर वासियों को परेशानी हो रही है तो दूसरी ओर सरकारी वाहनों का भी दुरुपयोग खुलेआम किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी सरकारी वाहनों का उपयोग निजी आवागमन के लिए कर रहे हैं। इसके लिए पेट्रोल-डीजल भी सरकार के खजाने में जोड़ा जा रहा है।

मनमानी

गोहद में विभिन्न विभागों के अधिकारी निजी आवागमन के लिए कर रहे सरकारी वाहनों का उपयोग

अपडाउन पर खर्च हो रहा डीजल

गोहद में प्रतिदिन अपडाउन पद्धति पर रोक नहीं लगने से कई बार लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हजारों लीटर डीजल डेली अपडाउन पर खर्च किया जा रहा है। इस वजह से मध्यप्रदेश शासन को राजस्व की हानि हो ही है। रोकथाम को लेकर पूर्व में अधिकारियों द्वारा कई बार औचक निरीक्षण व आदेश निकाले गए। लेकिन कुछ दिनों तक नियमों का पालन करने के बाद उल्लंघन शुरू कर दिया गया और यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। लोक निर्माण उप संभाग गोहद, जल संसाधन विभाग, मध्यप्रदेश विद्युत मंडल वितरण कंपनी, उप स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग, नापतौल विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सरकारी वाहनों का उपयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं।

सरकारी क्वार्टर हुए जर्जर

नगर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को ठहरने के लिए सरकारी आवास बनाए गए हैं, लेकिन अपडाउन के चक्कर में यह कर्मचारी बिजली-पानी की समस्या का हवाला देकर ग्वालियर पलायन कर जाते हैं। ऐसे में सरकारी आवास जर्जर हो रहे हैं, जिन पर विभागीय अधिकारियों का ध्यान नहीं है। मालूम हो कि सबसे अधिक परेशानी डॉक्टर और बिजली कंपनी के अधिकारियों के अपडाउन से हो रही है। क्योंकि इमरजेंसी के वक्त आवासों पर अधिकारी एवं कर्मचारी नहीं मिलने के कारण प्रशासन के समक्ष कई प्रकार की परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। जिनका समाधान मौके पर नहीं किया जाता है।

अधिकारी कर्मचारी अपडाउन कर रहे

आज से दस साल पूर्व तक समस्त विभागों के अधिकारी व कर्मचारी सरकारी आवास व प्राइवेट मकानों में रहते थे। लेकिन वह अपनी सुख सुविधाओं के चलते बिजली-पानी की असुविधा बताकर अपडाउन कर रहे हैं। इससे समस्याएं बढ़ रही हैं। -शैलेन्द्र प्रताप सिंह भदौरिया, रहवासी, गोहद

हम कार्रवाई करेंगे

मैंने समस्त विभागों के अपडाउन पद्धति पर रोक लगाने व कार्रवाई के लिए लिखा है। औचक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों को कड़ी हिदायत भी दी गई है। इसके अलावा आगे भी हम इस प्रकार की कार्रवाई करते रहेंगे। -डीके शर्मा, एसडीएम, गोहद

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