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भटक रहे 36 घुमक्कड़ परिवारों को मिलेंगे पक्के आवास, कीरतपुरा में जगह चिह्नित

3 वर्ष पहले
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गोहद में नर्सरी के सामने खुले में डाला घुमक्कड़ परिवार के लोगों ने डेरा।

बरसात में नहीं था आशियाना

घुमक्कड़ लोह पीटा प्रजाति के परिवारों का रहवास उनके खुद के बैल-गाड़ियों पर रहता है। सामान्य मौसम में यह लोग आसानी से जीवन व्यतीत करते हैं, लेकिन अधिक गर्मी और बारिश के दिनों में परिवार के सदस्यों को भारी मुसीबतें झेलनी पड़ती हैं। बरसात होते ही बैल-गाड़ियों के ऊपर प्लास्टिक की तिरपाल तानकर नीचे परिवार के लोग रहते हैं। जिसमें इन लोगों को बड़ी समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। जबकि आंधी आने पर इनके कबीले का सामान भी तबाह हो जाता है। इसी समस्या से निजात पाने के लिए लोगों ने प्रशासन से पक्के आवास की मांग की थी, जिस पर अमल कर शासन की ओर से स्वीकृति दी गई है। बता दें कि जहां घुमक्कड़ परिवार अपना अस्थाई डेरा जमाए हुए हैं, उन्हें शासन द्वारा स्थाई मकान मुहैया कराने का संपूर्ण प्रयास किया जा रहा है।

खाते में पहुंचेगी ढाई लाख राशि

प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम शामिल होने के बाद इन परिवारों को कीरतपुरा कॉलोनी में भवन निर्माण के लिए जगह चिन्हित कर दी गई है। निर्माण के लिए गरीबों के खाते में ढाई-ढाई लाख रुपए की राशि भेजी जाएगी। मालूम हो कि वर्षों से नगर में डेरा डालकर बसर कर रहे आवासहीन घुमक्कड़ परिवारों के लोगों के नगर पालिका प्रशासन ने पूर्व में आधार कार्ड और राशन कार्ड बनाकर बैंकों में खाते खुलवाए थे। जिससे इन परिवारों को स्थाई बसेरा दिलाकर पक्के आवास मुहैया कराए जा सकें। इसी के तहत 22 परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जबकि अन्य परिवारों के आवेदन जमा कर शासन को भेजे जा रहे हैं।

परम्परानुसार घूमते-फिरते हैं

रामसेवक सेंगर का परिवार समाज की परम्परा अनुसार घूमते-फिरते 25 साल पहले गोहद पहुंचा था। यहां का वातावरण और लोग अच्छे लगे, लोहारी का काम अच्छा चलने लगा, तो यहीं बस बस गए। झोंपड़ी उनका स्थायी घर बन गया था, क्योंकि पक्का मकान बनाने के लिए जमीन और पैसा नहीं था। लोह पीटा समुदाय से ताल्लुक रखने वाले पहलवान परिहार कहते हैं कि पक्की छत मिलना उनके लिए सपना सच होने के समान था। अब पक्का मकान हो जाने से बारिश में भी आनन्द से समय व्यतीत होगा।

सरकार ने दिया सहारा

जब सड़क किनारे अपनी झोपड़ी बनाई थी, तब वहां कुछ नहीं था। सरकार ने आवास के लिए जगह दे दी है। सरकार से थोड़ी बहुत जमीन मिल जाए तो हमें भी दर-दर भटकने की आवश्यकता नहीं है। -हुकुम सिंह, घुमक्कड़, गोहद

शीघ्र बनेंगे पक्के आवास

परिवारों को पक्के आवास जल्द ही मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए कॉलोनी में जगह चिन्हित भी कर दी गई है। फिलहाल इन परिवारों को पीने के लिए पानी टेंकरों से उपलब्ध कराया जा रहा है। -सुरेन्द्र शर्मा, सीएमओ, नप गोहद

बच्चों को मिलेगी अच्छी शिक्षा

घुमक्कड़ प्रजाति के बेघर परिवारों में लोहारी का काम करने वाले लोगों काे पक्के आवास मिलने से उनके बच्चों को अच्छा जीवन प्राप्त होगा। साथ ही बच्चों की शिक्षा के लिए भी प्रय| किए जा रहे हैं। जिससे यह परिवार भी शिक्षित हो सकें। -डीके शर्मा, एसडीएम, गोहद

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