11 साल से नल-जल योजना ठप, खजाने से Rs.58 लाख खर्च करके प्रशासन भूला
बस्ती में बंद पड़ा स्कीम बोर, लोग पानी के लिए हो रहे परेशान।
पुराने पेयजल उपक्रमों पर निर्भर ग्रामीण
नल-जल योजन के ठप होने के बाद गांव के लोग फिर से वही पुराने पेयजल उपक्रमों पर निर्भर हो गए हैं। उधर पीएचई विभाग योजना में लाखों की राशि खर्च कर योजनाओं को भुला बैठा है। बता दें कि अक्टूबर 2007 में अक्टूबर को योजना का उद्घाटन किया गया था। उस वक्त टंकी से करीब 8 हजार लोगों के घरों में पानी पहुंचाया जाने लगा था, मगर योजना अधिक दिनों तक संचालित नहीं हो सकी। लाइनें जर्जर होते ही लोगों की उम्मीद फिर से पानी में बह गईं। वर्तमान स्थिति पर ध्यान दिया जाए तो यह योजना पूरी तरह से फैल हो चुकी है। जिस पर न तो विभाग का ध्यान है औ न हीं प्रशासनिक अधिकारियों ने गंभीरता बरती है।
पानी के लिए वाटर कैन और प्राइवेट कनेक्शन के भरोसे हैं लोग
मालनपुर के लोग सरकारी पेयजल योजना के अभाव में प्राइवेट बोर व कैन से प्यास बुझाने को मजबूर हैं। गांव में अधिकांश लोगों ने अपने घरों में निजी बोर करा लिए हैं, जिनसे हर महीने 500 से 600 रुपए प्रति कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं कुछ लोगों के यहां टैंकर भी पहुंच रहे हैं तो ज्यादातर रहवासी कैन से पानी की पूर्ति कर रहे हैं। गांव में कुल 40 हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें अधिकतर हैंडपंप वाटर लेवल गिरने से बंद हो चुके हैं। इन परिस्थितियों में लोग फैक्टरी एरिया से टैंकरों में पानी ढो रहे हैं। लोगों का मानना है कि चुनाव के वक्त तमाम राजनैतिक लोग अपना उल्लू सीधा करने के इरादे से बड़े-बड़े वादे करके चले जाते हैं। लेकिन बाद में कोई जिम्मेदार समस्या को लेकर ध्यान नहीं देता है। हालांकि एकेवीएन द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में पिलुआ बांध से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन इस बार पानी की कमी होने के कारण वहां भी पानी का संकट पैदा होने लगा है।
राज्यमंत्री ने दिया आश्वासन
पेयजल योजना से मालनपुर की बस्तियों के साथ हरिराम पुरा में भी पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया था। योजना बंद होने के बाद ग्रामीणों ने राज्यमंत्री लालसिंह आर्य से गुहार लगाई। मंत्री ने चुनाव में ग्रामीणों से वादा किया था कि चुनाव जीतते ही योजना को मूल रूप दिया जाएगा। लेकिन मंत्री का आश्वासन लोगों के लिए फीका पड़ गया। इसके बाद ग्राम पंचायत सरपंच लोकेंद्र सिंह गुर्जर ने विभाग के अधिकारियों को लिखित में शिकायत की लेकिन लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
निजी बोर से भर रहे पानी
सरकारी पेयजल योजना से महज छह माह तक पानी मिला था। कनेक्शन भी करा दिए हैं, पानी प्राइवेट बोरों से भरना पड़ रहा है। -सुरेश बाबू जी, स्थानीय रहवासी, पुरानी बस्ती
बगल में टंकी फिर भी परेशानी
घर के पास ही पानी की टंकी बनी है फिर भी पानी नसीब नहीं हो रहा है। क्या करें कैन खरीदकर पानी पी रहे हैं। -संतोष कुशवाह, स्थानीय रहवासी, वार्ड 14
नहीं सुनते अधिकारी
योजना को क्रियान्वित कराने हमने पीएचई दफ्तर के कई चक्कर काटे हैं, लेकिन अधिकारी समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। -लोकेंद्र सिंह गुर्जर, सरपंच, मालनपुर
टैंडर हुआ है, काम शुरू कराएंगे
योजना को प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए विभाग द्वारा टैंडर जारी कर दिया गया है। ठेकेदार जल्द ही काम शुरू कर लोगों तक पानी पहुंचाने का काम करेगा। -एसपी नाग, एसडीओ, पीएचई गोहद