आगजनी की घटना से होने वाले नुकसान को रोकने को दमकल कर्मी काफी मेहनत करते हैं। नुकसान होने से बचने के बाद भी लोगों द्वारा समय पर आग बुझाने का चार्ज दमकल विभाग को नहीं दिया जाता। वर्ष 2017-18 के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में हुई आगजनी की 148 घटनाओं का फायर चार्ज अभी तक दमकल विभाग के पास जमा नहीं हुआ हैं, बकाया राशि करीब 1.39 लाख रुपए है। दमकल विभाग द्वारा आग बुझाने का बकाया चार्ज वसूलने के लिए अब पंचायत के साथ-साथ संबंधित व्यक्ति को भी नोटिस भेजा जा रहा है।
जब भी आग लगने की घटना होती है तो जिसे भी अवसर मिलता है वह दमकल विभाग को सूचित करता है, ताकि फायरमैन मौके पर पहुंचकर आग को बढ़ने से रोक सके। लेकिन जब कर्मचारी आग बुझाने का फायर चार्ज मांगते हैं तो बाद में देने की कहा जाता है। परंतु अधिकांश व्यक्ति फायर टैक्स जमा नहीं कराते। व्यक्ति के जमा न कराने पर पंचायत को टैक्स जमा कराना होता है। पंचायत भी इस तरफ ध्यान नहीं देती। दमकल केंद्र, गोहाना ने वर्ष 2017-18 के दौरान हुई आगजनी की घटनाओं का रिकार्ड तैयार किया है। रिकार्ड के अनुसार करीब 148 घटनाओं का करीब 1.39 लाख रुपए बकाया हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिसों के बाद भी यदि बकाया फायर चार्ज जमा नहीं कराया तो कोर्ट का सहारा लिया जाएगा।
रमेश कुमार, कार्यकारी फायर अधिकारी, गोहाना का कहना है कि जिन लोगों ने फायर चार्ज नहीं दिया है, उनकी सूची तैयार कर ली गई है। यह सूची मुख्यालय भेजी गई है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, इन लोगों को नोटिस जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद भी फायर चार्ज जमा नहीं कराया तो कोर्ट में केस दायर किया जाएगा।
दमकल कर्मियों ने जान जोखिम में डाल आग बुझाई, लोगों ने जमा नहीं कराया फायर चार्ज
चीनी मिल व मेडिकल कॉलेज ने जमा नहीं कराया चार्ज
आम लोगों के साथ-साथ सरकारी विभाग भी फायर चार्ज जमा नहीं कराते। कुछ विभागों की बकाया राशि सैकड़ों में हैं। विभाग के अनुसार सितंबर माह में महमूदपुर गांव के स्कूल में आग लगी थी। दमकल कर्मियों ने मौके पर जाकर आग पर काबू पाया। इसका फायर चार्ज करीब 500 रुपए बनता है। इसी तरह से देवीलाल चीनी मिल में आगजनी की तीन घटनाएं हुई। प्रत्येक घटना को काबू करने के लिए दमकल कर्मी पहुंचे। एक घटना के 9500 रुपए, दूसरी घटना के 4500 रुपए और तीसरी घटना के करीब 900 रुपए बकाया हैं। महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में 3500 रुपए बकाया हैं।
300 व 500 रुपए प्रति घंटा वसूला जाता है फायर चार्ज
दमकल विभाग द्वारा प्रति घंटा के हिसाब से फायर चार्ज वसूला जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू 300 रुपए और कॉमर्शियल भवन में आग बुझाने पर 500 रुपए प्रति घंटा के हिसाब से चार्ज लिया जाता है। शहरी क्षेत्र में घरेलू फ्री है। कॉमर्शियल भवनों में आग पर काबू करने पर 500 रुपए प्रति घंटा के हिसाब से चार्ज लिया जाता है। इतना कम चार्ज होने पर भी लोंगों द्वारा यह जमा नही करवाया जाता।