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मानसून पहुंचने से पहले सीवर लाइन और नहरों की होगी सफाई, खर्च होंगे 50 लाख

3 वर्ष पहले
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मौसम विभाग की घोषणानुसार जून माह के अंत तक मानसून हरियाणा में प्रवेश करेगा। बरसात सीजन में जलभराव से निपटने के लिए विभागों ने तैयारी शुरू कर दी है। वहीं इस संबंध में एसडीएम ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जलापूर्ति विभाग और सिंचाई विभाग द्वारा पानी निकासी व्यवस्था को दुरूस्त करने पर करीब 50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की सफाई कराएगा, वहीं जलापूर्ति विभाग द्वारा शहर में सीवरेज लाइन की सफाई कराएगा। इस दौरान अवरूद्ध सीवरेज लाइन को चालू किया जाएगा।

मानसूनी बरसात से खेतों में जलभराव हो जाता है। खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी ड्रेनों पर निर्भर करती है। पानी की बेहतर निकासी के लिए ड्रेनों का साफ होना बहुत आवश्यक है। गोहाना क्षेत्र में खेतों से पानी निकासी के लिए छोटी-बड़ी करीब 57 ड्रेन बनी हुई हैं। अधिकारियों ने बीते वर्ष बरसात सीजन से पहले ही इन ड्रेनों की सफाई कराई थी। एक वर्ष से सफाई नहीं होने से अधिकांश ड्रेनों में लंबी घास उगी हुई है। घास व झाड़ियों के कारण ड्रेनों में पानी की निकासी सही ढंग से नहीं होती है। बरसात होने पर खेतों से पानी की निकासी देरी से होती है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। कई दिनों तक खेतों में पानी भरा रहने से किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं। विभाग ने किसानों को राहत देने के लिए बरसात सीजन आरंभ होने से पूर्व ड्रेनों की सफाई कराने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सफाई कार्य समय पर पूर्ण करने के लिए मशीनों से ड्रेनों की सफाई करवाई जाएगी।

सोनीपत . ड्रेन नंबर आठ, जिसकी बरसात सीजन शुरू होने से पहले सफाई करवाई जानी है।

खुले नालों की सफाई करवाएगा नप

शहर में पानी निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए नगर परिषद भी नालों की सफाई करवाएगा। नप अधिकारियों ने कर्मचारियों को शहर के सभी खुले नालों की सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि नालों की सफाई का कार्य 15 दिनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। दुकानदारों को भी नालों में पॉलिथीन व अन्य गंदगी नहीं डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। नालों में गंदगी डालने पर दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

बरसात से पहले कार्य पूरा किया जाएगा

बरसात सीजन में खेतों में जलभराव नहीं होने दिया जाएगा। खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए ड्रेनों की सफाई करवाने के लिए एजेंसी को कार्य अलॉट कर दिया है। बरसात शुरू होने से पहले सफाई कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। \\\'\\\' नवतेज सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, गोहाना।

बीते वर्ष 12 गांवों की 3500 एकड़ जमीन में भर गया था पानी

बीते वर्ष बरसात में क्षेत्र के 12 गांवों की करीब 3500 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। इनमें छपरा, सिवानामाल, एसपी माजरा, रौलद, कासंडी, रिंढाणा, भंभेवा, कथूरा, भावड़ा, घड़वाल, धनाना, बनवासा गांव शामिल थे। ड्रेनों की सफाई नहीं होने से खेतों में भरे पानी की निकासी नहीं हुई। इससे किसानों की फसलें खराब हो गई थी। खेतें से पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग को पंप लगवाने पड़े थे। विभाग ने 35 पंप सैट लगवाकर खेतों में भरे पानी की निकासी करवाई थी।

पुरानी कॉलोनियों में पेयजल पाइप लाइन दबाने पर खर्च होंगे 1.61 करोड़

गोहाना | जलापूर्ति विभाग द्वारा शहर के प्रत्येक घर में नहरी पानी की सप्लाई दी जाएगी। विभाग द्वारा करीब 1.61 करोड़ रुपए खर्च कर पाइप लाइन दबाई जाएगी। ये पाइप लाइन शहर की पुरानी कॉलोनियों में दबाई जाएगी। मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यालय से पाइप की मांग की है। पाइप मिलने पर कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।

नई कॉलोनियों के साथ-साथ कुछ पुरानी कॉलोनियों की गलियों में भी पाइप लाइन नहीं दबाई गई है। इन कॉलोनियों में आर्य नगर, विष्णु नगर, इंद्रगढ़ी, आदर्श नगर आदि शामिल हैं। पेयजल के लिए लोगों को कॉलोनी के दूसरे हिस्सों पर निर्भर रहना पड़ता है। गर्मी के सीजन में घरों के पानी की खपत अधिक होती है। ऐसे में घर में सप्लाई नहीं होने पर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों द्वारा लंबे समय से कॉलोनी की प्रत्येक गली में पाइप लाइन दबाने की मांग की जा रही थी। लोगों की सुविधा के लिए अधिकारियों ने पाइप लाइन दबाने के लिए एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा था। मुख्यालय ने पाइप लाइन दबाने की मंजूरी दी है। चिह्नित कॉलोनियों में प्रत्येक गली के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए छह हजार मीटर लंबी पाइप लाइन दबाई जाएगी।

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