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कर्मचारी धरने पर डटे, ट्राॅलियां निकाली तो कूड़ा उठाने को नहीं मिल रहे कर्मी

3 वर्ष पहले
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नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। कर्मचारी नप कार्यालय में धरने पर बैठे हुए हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। नप अधिकारियों ने पुलिस की मदद से सड़कों पर फैले कूड़े को उठाकर डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाने के लिए कार्यालय से ट्रैक्टर-ट्राॅली निकलवा लिए, लेकिन कूड़ा ट्राॅलियों में डालने के लिए कर्मचारी नहीं मिल रहें है। ईओ ने मंगलवार को कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की। जिससे लोगों को हो रही असुविधा का समाधान हो सके।

नगर परिषद ने सोमवार को पुलिस की मदद से छह ट्रैक्टर-ट्राॅली निकाले थे। ताकि कर्मचारियों की हड़ताल में शहर में बिजली सफाई व्यवस्था में सुधार किया जा सके, लेकिन कर्मचारी कूड़ा ट्राॅली में लोड करने के लिए तैयार नहीं हुआ। ऐसे में चालक क्या करते। वे भी शहर में चक्कर लगाकर एकत्रित कूड़े को ठसका डंपिंग प्वाइंट पर डालकर वापस आ गए। उधर, सड़कों पर पहले की भांति ही कूड़ा फैला हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार मांगें पूरी नहीं करेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसलिए पहले दो दिन और अब तीन दिन आंदोलन की अवधि बढ़ा दी गई है।

कर्मचारी बोले-जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन रहेगा जारी

गोहाना. नगर परिषद कार्यालय में धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते एसकेएस के जिलाध्यक्ष धर्मपाल मलिक।

शहर को चार जोनों में बांटा

शहर में घरों से करीब 35 टन कूड़ा निकलता है। इस कूड़े को घरों से उठाकर ठसका डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाने के लिए करीब 132 कर्मचारियों को लगाया गया है। कूड़ा एकत्रित करने का कार्य बेहतर ढंग से किया जाए, इसके लिए शहर को चार जोनों में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में कर्मचारी, रेहड़ी और ट्रालियां अलग-अलग लगाई हुई हैं। एक जोन के कुछ कर्मचारी कार्य पर है। अन्य सभी कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं।

समय पर नहीं मिलता वेतन : मलिक

सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने बताया कि सफाई और दमकल कर्मचारी बीते एक सप्ताह से धरने पर बैठे हुए हैं। सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। सफाई कर्मचारी शहर को साफ एवं स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद भी उन्हें कम वेतन मिलता है। यह वेतन भी समय पर नहीं मिलता। इसलिए सरकार को कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और समान काम समान वेतन व्यवस्था लागू करनी चाहिए। इस अवसर पर रामू रामपाल, रामनिवास आर्य, दीपक, नरेश खंडेलवाल, राकेश मोर, राहुल, होशियार सिंह आदि उपस्थित थे।

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