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तीन महिला चिकित्सकों के अवकाश पर जाने पर कम हुई ओपीडी

3 वर्ष पहले
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सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल की दो महिला डॉक्टर छुट्टी पर हैं। वहीं एक महिला डॉक्टर पीजी कर रही है। अस्पताल में एक भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से महिला मरीजों को असुविधा हो रही है। मंगलवार को ओपीडी में महिला मरीजों द्वारा रोष प्रकट करने पर अस्पताल प्रशासन से वैकल्पिक तौर पर आयुष विभाग से एक महिला चिकित्सक की ड्यूटी लगाई।

अस्पताल में प्रतिदिन करीब 380 मरीज जांच कराने के लिए ओपीडी में आते हैं। इनमें से करीब 60 प्रतिशत महिलाएं होती हैं। महिला मरीजों में करीब 90 महिलाएं स्त्री रोग से पीड़ित होती हैं। स्त्री रोग से पीड़ित महिलाएं केवल महिला चिकित्सक से ही जांच करवाती हैं। महिला मरीजों की जांच के लिए अस्पताल में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। बीते कई दिनों से मरीजों को महिला चिकित्सक की सुविधा नहीं मिल रही है। अस्पताल की दो महिला चिकित्सक छुट्टी पर हैं। वहीं तीसरी महिला चिकित्सक पीजी करने के लिए चली गई है। महिला डॉक्टर नहीं होने पर महिला मरीजों को परेशानी हो रही है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार को वैकल्पिक तौर पर आयुष चिकित्सक की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर महिला मरीजों को इसका वांछित लाभ नहीं मिला। महिलाओं ने अस्पताल प्रशासन से ओपीडी में स्थाई स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति करने की मांग की।

अस्पताल में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। तीनों ही डॉक्टर छुट्टी पर हैं। महिला मरीजों की असुविधा न हो, इसके लिए मुंडलाना से स्त्री रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी नागरिक अस्पताल में लगाने के लिए सीएमओ से बातचीत की जाएगी। फिलहाल स्त्री रोग विशेषज्ञ की डप्यूटेशन होने तक वैकल्पिक तौर पर आयुष चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई है।\\\'-डॉ. कर्मबीर, एसएमओ, सिविल अस्पताल, गोहाना।

गोहाना . सिविल अस्पताल में महिला ओपीडी कक्ष के बाहर खड़ी महिला मरीज।

कम हो रही है मरीजों की संख्या

अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से महिला मरीजों की संख्या कम हो रही है। अस्पताल में ओपीडी में प्रतिदिन करीब 550 मरीज जांच कराने के लिए आते थे। इनमें से करीब 50 प्रतिशत मरीज महिलाएं होती थी। अब यह संख्या कम होकर 380 तक रह गई है।

अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों का रूख कर रहे हैं मरीज : अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए एक ही प्रशिक्षित महिला डॉक्टर है। महिला डॉक्टर इन दिनों की छुट्टी पर है। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां रेफर किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड की वेटिंग अधिक है। ऐसे में मरीजों का नंबर कई दिनों बाद आता है। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रूख करना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराना अधिक महंगा पड़ता है।

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