सिविल अस्पताल परिसर में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। एक बार पानी भर जाने के बाद वह कई दिनों तक भरा रहता है। करीब पांच दिन पहले हुई बरसात का पानी अभी तक पुराने क्वार्टरों के सामने भरा हुआ है। कर्मचारियों को पानी के बीच से निकलना पड़ता है। जिसके कारण परेशानी होती है।
कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था करने के लिए सरकार द्वारा परिसर में ही क्वार्टर बनाए हुए हैं। जब बरसात होती है तो क्वार्टरों के सामने पानी भर जाता है। आने-जाने का अन्य कोई रास्ता न होने पर लोगों को पानी के बीच से ही गुजरना पड़ता है। कर्मचारियों से पानी से बचने के लिए दीवार के साथ-साथ कुछ मिट्टी डाली हुई हैं। हल्की बरसात होने पर मिट्टी पर चलते हुए चले जाते हैं। परंतु जब अधिक बरसात होती है तो पानी के बीच में से ही गुजरते जाना पड़ता है। कई बार कर्मचारियों की तरफ से अधिकारियों के समक्ष समस्या को रख चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग ने पुराना सिविल अस्पताल भवन को गिराकर समतल का कार्य प्राइवेट एजेंसी से कराया गया था। एजेंसी ईंट और अन्य निर्माण सामग्री ले गई, लेकिन जमीन को समतल नहीं किया। पोस्टमार्टम रूम दूसरे गेट पर बनाया गया है। बरसात होने पर परिसर में पानी भर जाता है। इससे लोगों के साथ-साथ स्टॉफ को भी आने-जाने में परेशानी होती है।