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भागवत कथा में शास्त्री ने कहा कलियुग में जपें प्रभु का नाम

3 वर्ष पहले
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मौ के कटरा मोहल्ला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।

भास्कर संवाददाता | मौ/गोरमी

मौ कस्बे के कटरा मोहल्ला स्थित हनुमान मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत के दौरान कथा वाचक पंडित महावीर दुबे शास्त्री ने कहा कथा जिस स्थान पर भी होती हो उसे जरूर सुनना चाहिए। क्योंकि इस कथा में प्रभु श्री कृष्ण के जीवन का सार मिलता है, जिसे अगर हम अपने जीवन में ग्रहण कर लें तो हमारे जन्म-जन्म के पाप कट जाते हैं। उन्होंने बताया कलियुग में प्रभु का नाम जपने से कष्ट नहीं सताते हैं। व्यक्ति कितना भी दुराचारी क्यों न हो जाए, अगर वह भगवान का स्मरण करता है तो प्रभु उसे क्षमादान देते हैं। भगवान की शरण में जाने से बड़-बड़े पापियों का कल्याण हो जाता है, परंतु व्यक्ति अपने घमंड में इतना चूर हो गया है कि वह दूसरों को खुद से छोटा समझने की मिथ्या कर बैठता है और यही मिथ्या आगे उसके जीवन को नर्क की ओर ले जाती है।

श्रीकृष्ण ने दिया धर्म का संदेश

दूसरी ओर गोरमी के थापक मोहल्ला में चल रही श्रीमद भागवत कथा के दौरान पंडित महेश शास्त्री ने भक्तों को बताया श्रीकृष्ण ने धरती पर मनुष्य का रूप धारण कर समस्त मानवों को धर्म का संदेश दिया है। उन्होंने धर्म स्थापना के लिए धर्मयुद्ध की अनुमति देकर अर्जुन को अपने प्रियजनों से युद्ध करने के लिए कहा। भगवान ने गीता में संदेश दिया है कि धर्म और भलाई के लिए उठाए गए शस्त्र लोक कल्याण के लिए होते हैं। अगर व्यक्ति संकटों से घिर जाता है और उसकी प्रतिष्ठा दाव पर लगी हो तब इस स्थिति में व्यक्ति को धर्मयुद्ध करना चाहिए। मगर जीवन को सार्थक बनाने के लिए प्रभु की भक्ति तथा सदाचार का जीवन सबसे उत्तम माना गया है। इसके लिए मनुष्य गृहस्थ जीवन के दौरान भी भगवान का स्मरण कर सकता है।

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