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कांग्रेस रात 11 बजे सुप्रीम कोर्ट पहुंची, 1:30 बजे खुला कोर्ट, सुबह 5 बजे फैसला- येद्दि ही लेंगे शपथ

3 वर्ष पहले
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बेंगलुरू | कर्नाटक की सियासत में बुधवार सुबह से शुरू हुआ ‘नाटक’ गुरुवार सुबह 5 बजे तक चलता रहा। दिनभर राजनीति होती रही तो रात को मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया। इससे पहले भाजपा से सीएम पद के दावेदार येद्दियुरप्पा दो बार राज्यपाल से मिले। शाम को जेडीएस के कुमारस्वामी भी पहुंचे। इस बीच, शाम 7:56 बजे भाजपा विधायक सुरेश ने ट्‌वीट किया कि येद्दि सुबह 9 बजे शपथ लेंगे। रात 9:30 बजे सरकार बनाने के लिए राज्यपाल की ओर से येद्दियुरप्पा को भेजा गया पत्र सामने आ गया। येद्दि को गुरुवार सुबह 9 बजे शपथ लेनी थी। लेकिन इससे पहले ही रात करीब 11 बजे कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। रात को ही सुनवाई शुरू करने का आग्रह किया गया। रात 1 बजे 3 जजों की बैंच का गठन कर दिया। सुनवाई के लिए रात 1:45 बजे का समय नियत हुआ। सुबह 5 बजे तक सुनवाई चल रही थी। फैसला आया- येद्दि ही शपथ ग्रहण करेंगे।

येद्दियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता देने पर बवाल, कांग्रेस ने कहा- शपथ ग्रहण रोका जाए

द ग्रेट पॉलिटिकल ड्रामा

फाइल फोटो

राज्यपाल वजुभाई वाला गुजरात भाजपा के बड़े नेता रहे हैं। 1996 में गुजरात भाजपा अध्यक्ष थे, तब देवेगौड़ा पीएम थे। शंकर सिंह के भाजपा छोड़ने के बाद देवेगौड़ा ने भाजपा सरकार बर्खास्त कर दी थी।

32 घंटे का सस्पेंस; सरकार बनाने के लिए हर तौर-तरीका अपनाया गया

साम: येद्दि दो बार राज्यपाल से मिले। शाम को कुमारस्वामी गए। दोनों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और पिछले उदाहरणों के साथ दावे रखे।

राज्यपाल को सौंपी गई चिट्‌ठी पर कोर्ट में घिरी कांग्रेस

दाम: जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी बोले कि भाजपा की ओर से 100 करोड़ रु. और मंत्री पद का लालच दिया जा रहा है।

अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस के वकील)

राज्यपाल के पास अधिकतम विधायकों के समूह न्योता देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। मेघालय-गोवा में पोस्ट पोल अलायंस काे मौका मिला है। जम्मू-कश्मीर में एनसी सबसे बड़ी पार्टी थी लेकिन भाजपा-पीडीपी को मौका मिला।

भाजपा बहुमत कैसे साबित करेगी। हमारे पास 117 विधायक हैं, भाजपा के पास 104 विधायक हैं। सामान्य समझ और संख्या फैसले के खिलाफ है।

राज्यपाल के विशेषाधिकार की समीक्षा हो सकती है। सरकार का विशेषाधिकार समीक्षा के दायरे में है। सरकार बनाने के लिए 7 दिन मांगे गए थे उन्हें 15 दिन दिए गए।

तीन सदस्यीय बैंच में जस्टिस सीकरी, जस्टिस बाेबडे़ और जस्टिस अशोक भूषण शामिल थे। उन्होंने फैसला दिया- हम येद्दि के शपथ ग्रहण को नहीं रोकेंगे।

दंड: कांग्रेस ने कहा- भाजपा को सरकार बनाने का मौका दिया तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। जेडीएस ने राजभवन पर धरने की चेतावनी दी।

मुकुल रोहतगी (येद्दि के वकील)

राज्यपाल को पार्टी नहीं बनाया जा सकता। राज्यपाल के फैसले पर रोक नहीं लगाई जा सकती है।

जस्टिस सीकरी: राज्यपाल ने अपने विवेक का इस्तेमाल किया। राज्यपाल के फैसले पर कैसे दखल दे सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राज्यपाल को जो चिट्‌ठी दी है वो कहां है। इसपर सिंघवी ने कहा कि हमारे वह चिट्‌ठी नहीं हैं तो कोर्ट ने कहा कि जब आपके पास चिट्‌ठी नहीं है तो फैसला कैसे दें।

भेद: भाजपा पर विधायक तोड़ने का आरोप। कांग्रेस व जेडीएस विधायकों को रिजॉर्ट ले गईं। कांग्रेस के 4, जेडीएस के 2 विधायक नहीं गए।

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