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स्वस्थ लोकतंत्र के लिए खतरा है सामाजिक भेदभाव: अंजू बौद्ध

3 वर्ष पहले
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अांबेडकर स्मारक निर्माण समिति गोविंदपुर ने रविवार को यहां डाकबंगला विवाह मंडप में अांबेडकर जयंती समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अंजू बौद्ध ने कहा कि बाबा साहेब के आदर्श और विचार आज भी प्रासांगिक हैं। देश व समाज में जारी जाति प्रथा, भेदभाव व उत्पीड़न स्वस्थ लोकतंत्र के लिए खतरा है। विशिष्ट अतिथि थाना प्रभारी मनोज कुमार ने कहा कि बाबा साहेब के शिक्षित बनों, संगठित हो एवं संघर्ष करो के रास्ते पर चल कर ही समृद्ध भारत का निर्माण संभव है। सुबल दास एवं अशोक रजक ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। राजकुमार भारती एवं राम प्रसाद दास ने संचालन तथा बीरेन्द्र रजक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। यहां पहली बार आयोजित इस तरह के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने भाग लिया। कार्यक्रम में छह सूत्री प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन को वापस लेना, आरक्षण एवं संविधान में किसी तरह का संशोधन नहीं करना, शोषण विहीन समता मूलक समाज निर्माण के लिए आंदोलन तेज करना, दो अप्रैल के भारत बंद के दौरान आंदोलनकारियों पर हुए झूठे मुकदमें वापस लेना, चंद्रशेखर आजाद रावण पर से मुकदमा वापस लेकर उन्हें रिहा करना तथा दलित आदिवासी अल्पसंख्यक समेत बहुजनों पर सामाजिक उत्प्रीड़न एवं अत्याचार को रोकना आदि शामिल है। अतिथियों एवं वक्ताओं में प्रो. मुकुन्द रविदास, डाॅ. लालदीप गोप, पुनीत अांबेडकर, संजय दास, अनिल कुमार, सुधीर रजक, रंजीत कुमार, निताय चंद्र रविदास, किशुन लाल दास, दुर्गा चरण मरांडी, कार्तिक प्रसाद हाड़ी, भागीरथ गोरांय, नंदकिशोर सिंह, नंदलाल दास, दिलीप राम, चंद्रमोहन कुमार, लालचंद मोहली, किशोर कुमार दास, माला रजवार, बिंदू देवी, अविमल कुमार, मधेश्वर प्रसाद, बिरेन्द्र राम आदि शामिल थे।

कार्यक्रम के दौरान भीम संगीत प्रस्तुत करते नन्हे-मुन्ने।

बच्चों ने भीम संगीत किया प्रस्तुत

टीचर्स ट्रेनिंग काॅलेज गोविन्दपुर के छात्राओं एव अंबेडकर क्लब लटानी के बच्चों ने भीम संगीत प्रस्तुत किया। भारत बंद के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। उनकी याद में 17 मोमबती जलाई गई। मौके पर रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। दलित, बहुजन व देश में शोषण विहीन समता मूलक समाज के लिए लड़ने वाले महापुरुषों की झांकी प्रस्तुत की गई। बाबा साहेब के पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

भास्कर न्यूज|गोविंदपुर

अांबेडकर स्मारक निर्माण समिति गोविंदपुर ने रविवार को यहां डाकबंगला विवाह मंडप में अांबेडकर जयंती समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अंजू बौद्ध ने कहा कि बाबा साहेब के आदर्श और विचार आज भी प्रासांगिक हैं। देश व समाज में जारी जाति प्रथा, भेदभाव व उत्पीड़न स्वस्थ लोकतंत्र के लिए खतरा है। विशिष्ट अतिथि थाना प्रभारी मनोज कुमार ने कहा कि बाबा साहेब के शिक्षित बनों, संगठित हो एवं संघर्ष करो के रास्ते पर चल कर ही समृद्ध भारत का निर्माण संभव है। सुबल दास एवं अशोक रजक ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। राजकुमार भारती एवं राम प्रसाद दास ने संचालन तथा बीरेन्द्र रजक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। यहां पहली बार आयोजित इस तरह के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने भाग लिया। कार्यक्रम में छह सूत्री प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन को वापस लेना, आरक्षण एवं संविधान में किसी तरह का संशोधन नहीं करना, शोषण विहीन समता मूलक समाज निर्माण के लिए आंदोलन तेज करना, दो अप्रैल के भारत बंद के दौरान आंदोलनकारियों पर हुए झूठे मुकदमें वापस लेना, चंद्रशेखर आजाद रावण पर से मुकदमा वापस लेकर उन्हें रिहा करना तथा दलित आदिवासी अल्पसंख्यक समेत बहुजनों पर सामाजिक उत्प्रीड़न एवं अत्याचार को रोकना आदि शामिल है। अतिथियों एवं वक्ताओं में प्रो. मुकुन्द रविदास, डाॅ. लालदीप गोप, पुनीत अांबेडकर, संजय दास, अनिल कुमार, सुधीर रजक, रंजीत कुमार, निताय चंद्र रविदास, किशुन लाल दास, दुर्गा चरण मरांडी, कार्तिक प्रसाद हाड़ी, भागीरथ गोरांय, नंदकिशोर सिंह, नंदलाल दास, दिलीप राम, चंद्रमोहन कुमार, लालचंद मोहली, किशोर कुमार दास, माला रजवार, बिंदू देवी, अविमल कुमार, मधेश्वर प्रसाद, बिरेन्द्र राम आदि शामिल थे।

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