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सौर ऊर्जा से चलने वाला देश का पहला रेलवे स्टेशन बना गुवाहाटी; देशभर के स्टेशन में 5000 मेगावाट के प्लांट लगा रेलवे 8 हजार करोड़ रु. बचाएगा

3 वर्ष पहले
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मैसुरू डिवीजन के 20 स्टेशन भी जल्द ही सौर ऊर्जा से चलना शुरू करेंगे

गुवाहाटी | असम का गुवाहाटी स्टेशन सोलर ऊर्जा से चलने वाला देश का पहला स्टेशन बन गया है। गुवाहाटी रेलवे स्टेशन की छतों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। 700 किलोवाट के प्लांट से स्टेशन, कोच डिपो और रेलवे कॉलोनी को बिजली मिलेगी। इससे सालाना 67.7 लाख रु बचेंगे। प्रोजेक्ट पर 6 करोड़ रुपए का खर्च आया है। दरअसल, रेलवे देश में बिजली और डीजल का सबसे बड़ा कन्ज्यूमर है। इस पर सालाना 31 हजार करोड़ रुपए खर्च करता है। रेलवे ने 2025 तक अपनी कुल ऊर्जा जरूरतों का 25% ग्रीन ऊर्जा से पूरा करने की योजना शुरू की है। इससे रेलवे के सालाना 8 हजार करोड़ रुपए बचेंगे। पिछले साल जुलाई में रेलवे ने ट्रेन के कोच की छत पर सोलर पैनल लगाए थे। इससे कोच की लाइट, पंखे और डिस्प्ले चलते हैं। दिल्ली-यूपी और दिल्ली-हरियाणा रूट की 30 ट्रेनों पर पैनल लगाए गए हैं।

रेलवे की क्लीन एनर्जी ड्राइव; 7 साल में ऊर्जा जरूरतों का 25% ग्रीन ऊर्जा से पूरा करेगा

रेलवे बिजली-डीजल पर सालाना 31 हजार करोड़ खर्च करता है

एक सोलर पावर कोच वाली ट्रेन से साल में 21 हजार लीटर डीजल व 30 लाख रु. बचते हंै

बेंगलुरू के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस की स्टडी के मुताबिक सोलर पावर कोच वाली ट्रेन सालाना 239 टन हानिकारक कॉर्बन उत्सर्जन कम कर सकती है।

50 कारों से इतना ही प्रदूषण होता है। साथ ही ऐसी एक ट्रेन से 21 हजार लीटर डीजल और 60 लाख रुपए बचेंगे। देश में औसतन सालाना 11 हजार ट्रेन चलती हैं।

एक कोच पर 100 वाट का सोलर पैनल लगाने का खर्च 1.25 लाख रुपए आता है। कोच 500 किलो हल्का भी हो जाता है।

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