सूबे की सबसे बड़ी चोरी, जिसने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी थी। 13-14 अक्टूबर 2013 की रात रांची के मेन रोड स्थित आनंद ज्वेलर्स में 12.25 करोड़ की चोरी हुई थी। चौंकाने वाली बात रही कि एसएसपी का आए एक गुमनाम कॉल के बूते पुलिस ने 11 दिन बाद 25 अक्टूबर की रात उसी प्रतिष्ठान की छत में मौजूद पानी टंकी से 11.75 करोड़ के जेवरात बरामद कर लिए।
बरामदगी के बाद इस केस में अभी तक चुस्त दिख रही पुलिस रहस्यमय अंदाज में सुस्त पड़ गई। प्रतिष्ठान संचालक से लेकर दर्जनों संदिग्धों व दागियों से पूछताछ जरूर हुई, परंतु साढ़े चार साल बाद भी न चोर पकड़ गए और न ही ‘खिलाड़ी’ के चेहरे से नकाब हट पाया। इस केस के निवर्तमान अनुसंधानकर्ता चिंतामणि रजक का कबूलनामा खुद पुलिसिया जांच की गति को बयां करने के लिए पर्याप्त है। उनका कहना है-हिंदपीढ़ी में तैनाती के दौरान उन्हें आईओ बनाया गया था। आईओ बनने के बाद उन्हें फाइल मिल गई, परंतु व्यस्तता के कारण इस केस की जांच नहीं कर पाया। अब इसी साल फरवरी में मेरा ट्रांसफर हो चुका है। फाइल मेरे घर पर है। मौका मिलते ही इस केस का चार्ज हिंदपीढ़ी थाना जाकर सौंप दूंगा। रजक फिलवक्त मैकलुस्कीगंज थानेदार हैं। वहीं हिंदपीढ़ी थानेदार दीपक कुमार का कहना है, केस आईओ रजक देख रहे थे। उनका ट्रांसफर हो गया, परंतु अभी तक केस का चार्ज हैंडओवर नहीं कर पाए हैं। जो भी जांच हुई थी, आईओ ने की होगी। जल्द ही ट्रांसफर हो चुके आईओ से चार्ज ले वे किसी दारोगा को जांच की जिम्मेवारी सौंप देंगे। केस से जुड़े कई सवाल अभी तक अबूझ हैं। पुलिस केस को ‘घटना सत्य लेकिन सूत्रहीन’ बता अंतिम प्रतिवेदन (एफआरटी) भी सौंप सकती है।
सात दरवाजे काटकर हीरे, सोना और चांदी चुरा ले गए बदमाश
12 अक्टूबर 2013 को आनंद ज्वेलर्स के मालिक और कर्मचारी दुकान बंद कर घर चले गए। 13 और 14 अक्तूबर को दुर्गा पूजा की छुट्टी थी। साथ ही पेलिन तूफान के कारण मौसम खराब था। 15 अक्तूबर की सुबह करीब 10.30 बजे दुकान खुली। कर्मचारी जैसे ही दुकान के भीतर गए, हक्के-बक्के रह गए। सारे जेवरात गायब थे। कर्मचारियों ने दुकान मालिक सुशील गुप्ता को इसकी सूचना दी। वे पहुंचे तो देखा कि चोर सात दरवाजों को काट कर जेवरात चुरा ले गए। इसके बाद खबर पाकर पुलिस के साथ इंश्योरेंस कंपनी ने जांच शुरू कर दी।
जांच में पता चला कि चोर सीसीटीवी कैमरे और वीडियो रिकॉर्ड करने वाली मशीन भी चोर अपने साथ ले गए हैं। स्टॉक मिलान के बाद साफ हुआ कि चोरी गए सोना, चांदी और हीरों की कीमत 12.25 करोड़ है। वारदात के बाद एसएसपी की अगुवाई में एक डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर और एक दारोगा की टीम बनाई गई। टीम ने दिल्ली, रायपुर, जयपुर समेत अन्य स्थानों पर जाने की योजना बनाई।