जहां प्रेम है वहां परमात्मा का वास: संत अर्जुनराम
भास्कर संवाददाता | गुलाबपुरा
भागवत कथा में रामस्नेही संत अर्जुनराम महाराज ने कहा कि जिसकी मृत्यु नजदीक हो उसे भगवान का गुणगान करना चाहिए। जहां प्रेम है वहां परमात्मा है। व्यक्ति भगवान के विषय मे सुनते सुनते स्वभाव व प्रभाव से परिचित हो जाता है तो हर समय भगवान का स्मरण रहता है।
भागवत कथा में परीक्षित महाराज व शुकदेव मुनि का प्रसंग सुनाया। कथा में 19 अप्रैल को प्रहलाद चरित्र व कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। कथा में नंदोत्सव मनाया जाएगा। भागवत कथा में भगवान ऋषभदेव के 13 माह बाद अक्षय तृतीया पर पारणे का प्रसंग भी सुनाया। भागवत कथा के साथ ही शाम को नानी बाई को मायरो कथा भी रामस्नेही संत अर्जुनराम सुना रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म में विजय तथा अधर्म में पराजय है। उन्होंने नानी बाई रो मायरा में शंकर भगवान के दर्शन व जूनागढ़ आना उसके बाद सांवरिया सेठ के नाम हुंडी लिखना तथा वो हुंडी सांवरिया सेठ द्वारा देने का प्रसंग सुनाया। कस्बे के गांधीनगर कॉलोनी में भागवत कथा व नानी बाई रो मायरा कथा चल रही है। 23 अप्रैल को राधा-कृष्ण मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होगी।