चंदवा सीओ के पिता की हत्या करने वाले चार अपराधी गिरफ्तार
सदर थाना क्षेत्र के खरका नहर पुल के समीप 26 फरवरी को लातेहार जिला के चंदवा प्रखंड के सीओ मुमताज अंसारी के पिता हाजी अजवत अंसारी की लूटपाट के बाद हत्या की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों में लोहरदगा के सेन्हा के गड़गांव के अमित उरांव उर्फ अचिन उरांव, दशरथ उरांव, योगेंद्र उरांव उर्फ जोगेन उरांव और कोटाम के संटू महतो शामिल हैं।
घटना में शामिल एक अन्य अपराधी गुलाम उर्फ गुल अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। एसपी अंशुमान कुमार ने शनिवार को थाना परिसर में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि हाजी अजवत अंसारी के साथ लूटपाट के बाद हत्या को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया। घटना के बाद लोगों में आक्रोश था। इलाके के लोग दहशत में थे।
मामले के खुलासे को लेकर डीएसपी इंद्रमणि चौधरी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। इसमें पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी राकेश कुमार के अलावा चार एएसआई व जवान शामिल थे। वे खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे। टीम को टेक्निकल सेल के माध्यम से घटना से जुड़ी कई जानकारी मिली थी। जिसके बाद टीम लगातार अपराधियों की रेकी कर रही थी।
शनिवार को अहले सुबह सूचना मिली कि कांड में संलिप्त मुख्य अपराधी अमित उरांव उर्फ अचिन उरांव अपने साथियों के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए घाघरा से गुमला की ओर आ रहा है। इसके बाद एसआईटी के पदाधिकारियों ने खरका नदी के समीप एंबुश लगाकर अपराधियों के आने का इंतजार किया। इसी दौरान पैशन बाइक पर सवार होकर गुजर रहे तीनों अपराधियों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में तीनों ने अपना नाम व पता कि जानकारी दी। साथ ही हाजी अजवत हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए पूरे घटना क्रम से पर्दा उठाया। साथ ही उनके निशानदेही पर संटू को गिरफ्तार किया गया।
भागने के दौरान अपराधियों ने की थी अजमत की हत्या
हाजी अजवत अली अंसारी का गांव में किराना व हार्डवेयर की दुकान है। वे सप्ताह के प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को किराना समान की खरीदारी करने पिकअप में सवार होकर रांची जाते थे। रांची से वे किराना और हार्डवेयर का सामान खरीद कर गांव आते और दुकान में बेचा करते थे। घटना के दिन भी वे रांची जा रहे थे। खरका नहर पुल के पास बाइक सवार चार अपराधियों ने पहले पिकअप को रुकवा लिया। इसके बाद पिस्तौल की नोक पर थैले में भरे लाखों रुपया व ड्राइवर से भी तीन हजार रुपए और उसका मोबाइल फोन लूट लिया था। फिर भागने के दौरान अपराधियों ने अजमत को गोली मारकर हत्या कर दी थी।
अपराधियों के पास से लूट के रुपए बरामद
गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने अजवत से लूटे गए नगद 23 हजार रुपए, पिकअप के चालक का लूटा गया मोबाइल, तीन देसी पिस्तौल, 315 की तीन गोली व एक बाइक बरामद की है। घटना को भी इसी बरामद बाइक से अंजाम अंजाम दिया गया था।
प्रेस वार्त्ता कर घटना की जानकारी देते एसपी।
गांव के ही संटू महताे से अजमत का हुआ था विवाद, बना डाला लूटपाट का प्लान
एसपी ने कहा कि हाजी अजवत अंसारी हत्याकांड में कोटाम गांव के ही संटू महतो की अहम भूमिका रही है। हाजी अजवत का संटू के साथ पूर्व में व्यवसाय को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के कारण संटू उसे आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए लूटपाट करवाने का प्लान बनाया। तय प्लान के तहत संटू ने गिरफ्तार अपराधियों से संपर्क किया। अपराधी लूटपाट के लिए तैयार हो गए। घटना के दिन हाजी अजवत किराना का समान खरीदने के लिए घर से पिकअप में सवार होकर रांची के लिए निकले। संटू ने इसकी सूचना अपराधियों को दे दी। इसके बाद अपराधी खरका नहर पुल के समीप पिकअप रोककर पहले अजवत से लूटपाट की। फिर गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस अधिकारी और जवानों को रिवार्ड देकर किया जाएगा सम्मानित
एसपी ने बताया कि अपराधियों को गिरफ्तार करने में शामिल पुलिस पदाधिकारी व जवानों को रिवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। इसमें डीएसपी इंद्रमणि चौधरी, थाना प्रभारी राकेश कुमार, पुअनि तीर्थराज तिवारी, सअनि अजय कुमार, बबलू बेसरा, राजेश कुमार, भगवान प्रसाद गौड़, जवान राम मनोज कुमार, कुलदीप राय, संतोष कुमार रवानी, मनीष बाखला व तकनीकी शाखा के संदीप टोपो शामिल थे।