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सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ खत्म हुआ खरमास

3 वर्ष पहले
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हिंदू परिवारों में एक महीने से बंद पड़े शादी-विवाह और अन्य शुभ कार्य रविवार से शुरू हो गए। दिन के 10:03 बजे के बाद सूर्यदेव मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही एक महीने का खरमास समाप्त हो जाएगा। इसके बाद हिंदू परिवारों के घरों में शहनाइयां बजनी शुरू हो जाएंगी। पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी और ब्रजेश मिश्रा कहते हैं कि बनारस पंचांग के मुताबिक, खरमास समाप्त होते ही मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत संस्कार, नए घरों के लिए नींव देना और गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। जिन घरों में अप्रैल या मई महीने में विवाह होना है, वहां तैयारियां शुरू हो गई हैं। शादी-विवाह के मुहूर्त को देखते हुए ज्वेलरी और कपड़ों की दुकानों की रौनक भी बढ़ गई है। लोग अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी करने में जुटे हैं।

हिंदू परिवारों में शुरू हो जाएंगे शादी-विवाह सहित सभी शुभ कार्य, 16 मई से शुरू होगा ज्येष्ठ माह का अधिमास

क्या है खरमास

पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी कहते हैं कि हिंदू ज्योतिष विज्ञान में सूर्य को ग्रहों का राजा माना गया है। जब सूर्य मीन राशि में रहते हैं, तो उस महीने काे खरमास कहा जाता है। आम तौर पर सूर्य एक महीने तक मीन राशि में रहते हैं। 14 मार्च को सूर्य का मीन राशि में प्रवेश हुआ था। मेष की संक्रांति में सूर्य के प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाता है।

अप्रैल-मई में इस तरह हैं शुभ मुहूर्त

विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत - 18 अप्रैल : रोहिणी नक्षत्र, 20 अप्रैल : मृगशिरा, 27 अप्रैल : उत्तर भाद्र पद, 28 अप्रैल : हस्त नक्षत्र, 30 अप्रैल : स्वाति नक्षत्र, 11 मई : उत्तर भाद्र पद, 12 मई : रेवती नक्षत्र, गौना के मुहूर्त - 20 अप्रैल : मृगशिरा, 27 अप्रैल :उत्तर भाद्र पद, 30 अप्रैल : स्वाति, 2 मई : अनुराधा, 4 मई : मूल, 10 मई : शतभिषा, 11 मई : उत्तर भाद्रपद, मुंडन संस्कार - 20 अप्रैल : मृगशिरा, 27 अप्रैल : स्वाति, 30 अप्रैल : मृगशिरा, 10 मई : मृगशिरा, नींव पूजन - 27 अप्रैल : हस्त, 30 अप्रैल : स्वाति। गृह प्रवेश के लिए - 27 अप्रैल : उत्तर भाद्रपद, 11 और 12 मई : उत्तर भाद्र।

30 दिन ही शुभ मुहूर्त, उसके बाद मलमास

सूर्यदेव एक महीने यानी 15 मई तक ही मेष राशि में रहेंगे। 16 मई से सूर्य वृष की संक्रांति में चले जाएंगे। उस दिन से ज्येष्ठ महीने का अधिकमास (मलमास) शुरू हो जाएगा। हिंदुओं में खरमास और मलमास दोनों में शादी-विवाह या अन्य शुभ कार्य की मनाही है। इसलिए मलमास में शादी-विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत संस्कार, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य वर्जित रहेंगे।

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