झालसा रांची के निर्देशानुसार मंडल कारा में महिला बंदियों के लिए 10 दिन चलने वाले सेमिनार का उदघाटन पीडीजे संदीप श्रीवास्तव ने गुरुवार को किया। उन्होंने कहा कि आपसे जान बुझकर या गलती से अपराध हो गया है और आप जेल में आ गए हैं, तो ज्यादा चिंता न करें। अपने मन-मस्तिष्क को शांत रख कर अच्छा बनने की कोशिश करें। अपराध बार-बार नहीं हो। इसका ख्याल रखें क्योंकि महिलाएं समाज की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसके बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है।
इस दस दिनी सेमिनार के दौरान पैनल अधिवक्ता, डॉक्टर, शिक्षा विभाग व एनजीओ द्वारा बहुत सारी सुंदर व जीवन उपयोगी बातें बताई जाएगी। सेमिनार में विशेष इलाज की भी व्यवस्था है। यदि आपको कोई समस्या है, तो इसका निदान कराएं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोलार्क दुबे, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नंदलाल, विकास भारती के महेंद्र भगत, चिकित्सक शकुंतला मुर्मू व झालसा के सचिव विनोद कुमार ने भी विचार रखे। धन्यवाद ज्ञापन जेल अधीक्षक बेसरा निशांत रॉबर्ट ने किया। इस मौके पर एसडीजेएम मनोज कुमार, बुंदेश्वर गोप, इंदु पांडेय, शारदा पांडेय, ज्योति मिंज, मंजू तिर्की, डॉक्टर रश्मि कच्छप, डॉक्टर नर्मता टोप्पो, उत्तम मोदी, अरुण कुमार, अशोक राम, जियाउल हक, राकेश सिन्हा, संजय कुमार, मनीष व पीटर आदि लोग थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते पीडीजे।