अंजुमन इस्लामिया की आठ पंचायतों के सदर व सेकेट्री की आकस्मिक बैठक हुई। जिसमें अंजुमन के सदर इरशाद खान ने कहा कि बगैर अंजुमन की मीटिंग हुए वहाबी जमात की मस्जिदों से रमजान की चांद और तरावीह की घोषणा कर दी गई। जबकि 9 मई की कार्यकारिणी बैठक में निर्णय लिया गया था कि चांद दृष्टि में विवाद पर एदारा ए सरिया झारखंड के निर्णय को ही अंजुमन मानेगी। लेकिन तबलीगी जमात के देवबंदी मसलक के समर्थक कौम को तोड़ने के लिए इमारत ए सरिया का हवाला देकर 16 मई की रात चांद की घोषणा कर दिए, जो अंजुमन के फैसले के विरुद्ध है। गुमला अंजुमन में सिर्फ सुन्नी समुदाय के लोगों का सहयोग है। बहाबी मसलक के लोगों ने अपना अलग मस्जिद, मदरसा, काजी का व्यवस्था बहुत पहले ही कर लिया है।
अंजुमन की आठों पंचायत के सदर इसे लेकर हमेशा के लिए अंजुमन इस्लामिया के सभी शाखाओं से गैर सुन्नी मसलक के लोगों को हटाने का फैसला लिया है। अब बहाबी, तबलीगी जमात के लोगों को अंजुमन के वोटर होने या किसी भी पद पर रहने से वंचित कर दिया गया है। बैठक में पठान पंचायत के सदर जहीर खान, एराकी पंचायत के सदर हाजी खलील अशरफी, मोमिन पंचायत के सदर इसराइल अंसारी, एखलाक पंचायत के सदर अजहर रव्वानी, कुरैशी पंचायत के सदर राजू कुरैशी, सचिव जोय जावेद कुरैशी, इदरीसिया पंचायत के सदर शहजाद अनवर, सचिव सुहैब आलम, सलमानी पंचायत के सदर गियास अली, सचिव हसन अली, राय पंचायत के सदर अब्दुल जब्बार रिजवी, सचिव कलाम राय, गौसिया मोती मस्जिद के सदर समीम खान, कब्रिस्तान कमेटी के सचिव मकसूद आलम, मस्जिद रजा ए मुस्तफा के सदर सैययद जाहिद हुसैन, मुस्लिम युवा मंच के सचिव गुलाम मुस्तफा, आफताब अंजुम आदि मौजूद थे।