ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव शिवेंदू कुमार सिन्हा ने रूरबन मिशन के तहत चयनित विकास योजनाओं का डीपीआर बनाने में शिथिलता बरतने पर चिंता जताई। विकास भवन के सभागार में आयोजित विभिन्न विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों से कार्य की प्रगति की समीक्षा की। इस क्रम में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि उपायुक्त के स्तर से बार बार निर्देश देने के बाद भी विभागों द्वारा विशेष रुचि नहीं लिए जाने के कारण कई योजनाओं का डीपीआर अब तक तैयार नहीं हुआ है।
संयुक्त सचिव ने विभिन्न योजनाओं की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए कहा कि डीपीआर बनाने के कार्य में तेजी लाई जाए ताकि रूरबन मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति हो सके और मॉडल के रूप में तेलगांव एवं करौंदी पंचायत में शहरी सुविधा मुहैया कराई जा सके। बैठक में संयुक्त सचिव के अलावा डीसी श्रवण साय, डीडीसी नागेंद्र कुमार सिंहा तथा कृषि, सहकारिता, शिक्षा, चिकित्सा, समाज कल्याण ,पशुपालन विभाग, बिजली एवं पानी से जुड़े विभागों पदाधिकारी उपस्थित थे। विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद संयुक्त सचिव रूरबन मिशन के तहत चयनित गांव तेलगांव एवं करौदी गांव का भ्रमण कर वहां की स्थिति से रूबरू हुए।