शहर के विकास की रूपरेखा तय करने के लिए नगर परिषद के सभी वार्डों में पांच प्रकार की कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी संबंधित वार्ड पार्षद अपने वार्ड में 15 जून से पहले बनाएंगे। इसके बाद इसकी सूची नप को सौंपेंगे। जहां से इसकी पूरी रिपोर्ट 15 जून तक नगर विकास विभाग को भेज दी जाएगी।
नप के कार्यपालक पदाधिकारी को सरकार के अपर मुख्य सचिव अरुण सिंह के माध्यम से भेजी गई चिट्ठी के अनुसार प्रत्येक वार्ड में जलापूर्ति एवं जलकर उप समिति, स्वच्छता उप समिति, नागरिक सुविधा एवं होल्डिंंग कर उप समिति, स्वनियोजन उप समिति व वार्ड कल्याण समिति का गठन किया जाना है। प्रत्येक कमेटी का अलग-अलग दायित्व व काम है। कमेटी के लोग अपने कामों को निभाते हुए सुझाव व सहयोग देंगे। प्रत्येक कमेटी में दस लोग रहेंगे। इसमें हर कमेटी के अध्यक्ष संबंधित वार्ड के वार्ड पार्षद होंगे। इनके अलावा कमेटी में वार्ड की आम सभा द्वारा मनोनीत उक्त वार्ड के दो निवासी, दो व्यवसायी वर्ग के प्रतिनिधि, अनुसूचित जाति/ जनजाति के दो प्रतिनिधि, महिला वर्ग के दो प्रतिनिधि व शहरी स्थानीय निकाय के एक मनोनीत पदाधिकारी/ कर्मी रहेंगे। गौरतलब है कि यह कमेटी पूर्व के जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल के दौरान भी बनाई गई थी। लेकिन चुनाव के बाद नए जनप्रतिनिधियों के चयनित होने के साथ ही पुरानी कमेटी स्वत: भंग हो गई। जिसके बाद नई कमेटी के गठन के लिए समय निर्धारित की गई है।