गांव वाले प्राथमिकता अनुसार योजना का चयन कर क्रियान्वित कर सकेंगे
भास्कर न्यूज|गुमला
सरकार की योजनाओं को सही तरीके से गांव तक पहुंचाना एवं लागू करना सभी की जिम्मेवारी है। मुखिया जनप्रतिनिधि से अधिक सरकार के सेवक हैं। जनप्रतिनिधि के साथ लोक सेवक हैं। पंचायती राज अधिनियम में आपको अधिकार दिया गया है, उसके साथ ही आपको जिम्मेदारी भी दी गई है कि आपके माध्यम से क्रियान्वित होने वाली योजनाएं सही तरीके से धरातल पर उतरे।
काम में पारदर्शिता बरतें। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को समय पर गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करें। योजनाओं के चयन में सावधानी रखें। पुरानी योजनाओं को पूर्ण कर उपयोगिता समर्पित करें। उक्त बातें उपायुक्त श्रवण साय ने उप विकास आयुक्त के कक्ष में गुमला सदर प्रखण्ड में ग्राम विकास समिति/आदिवासी विकास समिति, 14वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि, डोभा, तालाब जीर्णोद्धार से संबंधित जल संरक्षण पखवाड़ा आदि योजनाओं से संबंधित प्रखंडवार बैठक में मुखियाओं से कही। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात के हिसाब से ग्राम विकास समिति या आदिवासी विकास समिति का गठन यथाशीघ्र पूरा कर लें। अब 5 लाख तक की विकास योजनाओं का पैसा समितियों को मिलेगा। समिति की मदद से गांव वाले अपनी प्राथमिकता अनुसार योजना का चयन कर क्रियान्वित कर सकेंगे। 14वें वित्त आयोग से पंचायतों को मिलने वाले राशि का सदुपयोग करें।
योजना का चयन सार्वजनिक हित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 24 मई से 07 जून तक चलने वाले जल संरक्षण पखवाड़ा के दौरान जल स्रोतों के जीर्णाेंद्धार के लिए अभियान चलाया जाएगा। उपायुक्त ने मानसून के मद्देनजर अपूर्ण निर्माण को बरसात के पूर्व पूरा करने, योजना बजट के व्यय राशि में 60 अनुपात 40 (श्रमःसामग्री) का अनुपालन करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त नागेन्द्र कुमार सिन्हा, डीआरडीए डायरेक्टर मुस्तकिम अंसारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला शंकर एक्का, मुखिया, जल सहिया एवं अन्य मौजूद थे।