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हक के लिए आदिम जनजाति की एकजुटता जरूरी

3 वर्ष पहले
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प्रखंड मुख्यालय स्थिति निर्माणाधीन ब्लॉक भवन में बुधवार को आदिम जनजाति विकास समिति की बैठक हुई। बैठक में आदिम जनजाति के नवनियुक्त सचिव राजेंद्र कोरबा ने समाज के विकास एवं सांगठनिक स्थिति को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आदिम जनजाति जब एकजुट होंगे, तभी अपने हक एवं अधिकार के लिए लड़ सकेंगे। समाज के विकास के लिए सभी परिवार को नशा मुक्त होकर शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। जब तक हम शिक्षित नहीं होंगे, तब तक हमारा समाज आगे नहीं बढ़ेगा। हमारा समाज अधिकतर जंगलों में निवास करने के कारण सड़क, बिजली, पानी आदि की समस्या से जूझ रहा है। सरकार को इस दिशा में हमें ध्यान आकृष्ट कराना होगा।

मुख्य अतिथि 20 सूत्री प्रखंड अध्यक्ष दिलीप बड़ाईक ने कहा आदिम जनजाति समाज को एकजुट होने पर ही समाज का विकास हो पाएगा। उन्होंने आदिम जनजाति विकास भवन के लिए जारी में भूमि दान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज के विकास एवं सहयोग के लिए मैं तत्पर हूं, आप सांगठनिक रूप से मजबूत हो। सरकार आदिम जनजाति को जरूरी सहायता करेगी। मौके पर पूर्व सांसद प्रतिनिधि जगत प्रसाद सिंह ने कहा कि आप सभी अपने संगठन को मजबूत करें। शिक्षा पर विशेष ध्यान दें, आपके लिए जितनी भी सरकारी लाभ हैं और मिलती हैं उसका लाभ उठाएं। सभी बच्चों को कम से कम मैट्रिक तक अवश्य पढ़ाएं।

मौके पर आदिम जनजाति विकास समिति का गठन किया गया । इसमें सचिव राजेंद्र कोरबा, अध्यक्ष बलदेव कोरबा, कोषाध्यक्ष रंगू कोरबा सहित 10 सदस्यों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। बैठक की अध्यक्षता रंगू कोरबा ने की। मौके पर भूलन कोरबा, मंदिर कोरबा, ललिता कोरवाईन, नवासाय कोरबा, बंधना कोरबा, नेहरू कोरबा, कलेश्वर कोरबा, बुद्धनाथ कोरबा, गोला कोरबा, संधू कोरबा, किरतु कोरबा एवं जय कुमारी कोरवाईन सहित सकतार, कुदर, डूमर पानी, आँवराटोली, उरई कोना, बंधकोना, धोबारी तिगरा आदि गांव के कोरबा और असुर जाति के लगभग 90 की संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे।

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