पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • शहर के 26 में से 22 एटीएम खाली, निकासी ज्यादा अावक कम, इसलिए कैश की कमी

शहर के 26 में से 22 एटीएम खाली, निकासी ज्यादा अावक कम, इसलिए कैश की कमी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नकदी को लेकर शहर में नोट बंदी जैसे हालात बन रहे हैं। 13 अप्रैल के बाद से एटीएम में नकदी की किल्लत पिछले दो दिन के दौरान संकट का रूप धारण कर चुकी है। मंगलवार को तो शहर के 26 एटीएम में से करीब 22 में पैसे की निकासी लगभग बंद ही थी।

छोटे कस्बों की हालत भी लगभग ऐसी ही बनी हुई है। हालांकि वहां एटीएम कम हैं और उन पर दबाव भी ज्यादा नहीं होता। यहां मंडियों में किसानों को अब भी 50 हजार रुपए नकद नहीं दिए जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि बैंकों से उन्हें पर्याप्त नकदी नहीं मिल रही है। उधर, बैंक अधिकारियों का कहना है कि नकदी की कमी उतनी नहीं है, जितनी मांग बढ़ रही है। उनका कहना है कि बाजार से जमा होने वाले पैसे में भी गिरावट आई है। इसलिए रोटेशन गड़बड़ा गया है। मंगलवार को तो हालात यह थे कि बैंक शाखाओं के बाहर लगे एटीएम भी खाली थे। एसबीआई की पेट्रोल पंप के पास स्थित मेन ब्रांच के एटीएम में ही नकदी न होने का बोर्ड लटका था। इसी तरह व्यवसायिक शाखा का एक एटीएम खाली था। उधर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का एटीएम भी सुबह 11 बजे खाली हो गया था। आईडीबीआई बैंक के एटीएम में भी लगातार नकदी का संकट है।

उपज बेचने के बाद किसानों को नकदी की सबसे ज्यादा जरूरत

क्या वजह बताई जा रही है संकट की

बैंक अधिकारियों का कहना है कि नकदी की आवक में उतनी कमी नहीं है। लेकिन निकासी ज्यादा हो रही है। क्यों इस समय वैवाहिक सीजन है और किसान भी उपज बेचने के बाद नकदी निकाल रहे हैं।

बाजार से जमा होने वाली नकदी में भी कमी आई है। व्यापारियों द्वारा कम कैश जमा किया जा रहा है। इससे पूरा रोटेशन गड़बड़ा गया है।

बैंकों को मिलने वाली नकदी में भी 25 फीसदी तक की कमी बताई जा रही है। इसका सीधा असर एटीएम पर पड़ रहा है। बैंक प्रबंधन का जोर शाखा में नकदी की उपलब्धता को बेहतर बनाए रखने पर है।

यह है बैंकिंग सेक्टर की स्थिति

जिले में कुल 80 बैंक शाखाएं जिनमें से आधी शहरों में हैं। उनमें से भी 28 अकेले गुना शहर में।

1250 गांव व छोटे कस्बों के हिस्से में 52 शाखाएं आती हैं।

जिले के 500 गांव तो ऐसे हैं जो निकटतम बैंक से औसतन 20 से 40 किमी की दूरी पर हैं।

40 में से 37 एटीएम शहरी इलाकों में लगाए हैं बैंकों ने। इनमें से भी 26 अकेले गुना शहर में है।

नोट बंदी के बाद 2-3 एटीएम ही अतिरिक्त खुले हैं

सबसे ज्यादा शाखाएं एसबीआई और मध्यांचल ग्रामीण बैंक

एक भी निजी बैंक की शाखा गांव में नहीं है।

गांवों में ज्यादा समस्या क्योंकि

30 हजार की आबादी पर सिर्फ एक बैंक

जिले में शहरी आबादी 312767 है, जबकि बैंक शाखाएं 40 हैं। यानि प्रति 7 हजार पर एक बैंक शाखा उपलब्ध है। हालांकि इसमें भी अकेले गुना में 28 शाखाएं हैं। बाकी लगभग एक लाख अन्य शहरी आबादी को 12 शाखा से काम चलाना पड़ता है।

जिले की ग्रामीण आबादी 928171 है और शाखाएं भी उतनी ही हैं। यानि लगभग 24 हजार लोगों पर सिर्फ एक बैंक है। इनमें भी जामनेर, मधुसूदनगढ़ जैसे कस्बाई गांवों को हट लें तो ठेठ गांवों में तो 30 हजार की आबादी पर एक बैक है।

पहले लगातार छुट्टियों के कारण एटीएम में पैसे नहीं डाले जा सके, अब कैश की कमी

शहर के एटीएम में नकदी का संकट शुक्रवार के बाद से ही शुरू होने लगा था। शनिवार और रविवार की लगातार छुट्टियों के दौरान भी कई एटीएम खाली रहे। तब ऐसा लगा कि शायद छुट्टी की वजह से नकदी नहीं डाली जा सकी हो। पर नकदी का संकट तभी से गहराने लगा था।

खबरें और भी हैं...