सिर्फ यह दिखाने के लिए हत्या कर दी कि हमारी तूती बोलती है
6 अप्रैल को रेलवे गोदाम के पीछे मिले शव की गुत्थी सुलझ गई है। युवक की हत्या के पीछे इसी क्षेत्र में रहने वाले 5 युवकों का हाथ था। उन्होंने सिर्फ इस वजह से हत्या कर दी कि वह खुद को इस क्षेत्र का गुंडा कहलाना चाहते थे। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सीसीटीवी कैमरे से मिले फुटेज से सुलझी, इसमें आरोपी रात में इधर-उधर चक्कर लगाते हुए दिखाई दे रहे थे। इसी शक के आधार पर इन्हें गिरफ्तार किया गया।
एसपी निमिष अग्रवाल ने बताया कि 6 अप्रैल को रेलवे गोदाम के पीछे अज्ञात व्यक्ति घायल अवस्था में मिला था। इसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई। हत्या का मामला दर्ज कर इसकी जांच टीआई विवेक अष्ठाना, सब इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह चौहान एवं मनीराम को सौंपी। मृतक की पहचान भी घटना के दो दिन बाद घोसीपुरा निवासी मनोज रजक के रूप में हुई। सब इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह चौहान ने घटना स्थल के सीसीटीवी कैमरे देखे, एक जगह 4 आरोपी घटना वाली रात घूमते हुए दिखे। वह एक युवक की पिटाई भी कर रहे थे, जो इनसे बच कर भाग गया था। इसी शक के आधार उपेंद्र केवट, राजू केवट, प्रदीप ओझा और मोहसिन खान सहित 5 को पकड़ा। पूछताछ में इन्होंने अपना अपराध कबूला।
रास्ता रोककर बाइक
पर बिठा कर ले गए
पुलिस ने बताया कि आरोपी नशे की हालत में थे। उन्होंने मनोज को देखा तो उसे रोक और बाइक पर बिठाकर ले गए। उसकी मारपीट की, कपड़े उतर लिए। युवक कुछ देर बेहोश रहा, होश आने पर वह घर जाने लगा तो आरोपियों ने रास्ते में फिर पकड़ा और मारपीट की। इससे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।