जिंदगी को लंबाई से नहीं गहराई से देखो- प्रकृति में लगभग सभी चीजें अंडाकार आकृति से बनी है। किसी भी आकृति के मूल में अंडाकृति होती है। यह बात मुखौटा कला मंच के 30 दिवसीय नाट्य शिविर में प्रख्यात चित्रकार मुबारिक गुनाबी ने दी।
वह शिविरार्थियों को चित्रकला की बारीकियों के बारे में बता रहे थे। उन्होंने कहा कि चित्रकला से हमारा किसी भी चीज को देखने का नजरिया बदलता है। मुखौटा कला मंच का शिविर उल्लास 2018 पूर्णता: जल समस्या एवं प्रदूषण पर आधारित है, जिसमें पानी और प्रदूषण पर आधारित जनगीत सुखवीर यादव एवं दिनेश औदिच्य के मार्गदर्शन में तैयार कराए जा रहे है। शिक्षक जितेंद्र सिंह लोधा शिविरार्थियों को एक घंटे योगा एवं प्राणायाम कराते हैं। नृत्य निर्देशिका शितिजा पाटिल के निर्देशन में लोक नृत्य तैयार कराए गए।
वहीं जल प्रदूषण पर आधारित नाटक गणपति बप्पा मोरिया शिविरार्थियों द्वारा तैयार किया जा रहा है। जिसकी प्रस्तुति शिविर के समापन अवसर पर होगी। शिविर व्यवस्थापकों में तरुण सूद, राजेश शर्मा, राकेश व्यास, मिमोह जैन, सागर सोनी, इमरान खान, नंदनी कोरी, रीना अहिरवार आदि शामिल है।