आठ माह में ही नए कलेक्टोरेट भवन की सुंदरता पर दाग
गुना| नए कलेक्टोरेट भवन की सुंदरता पर 8 माह में ही दाग लग गया है। इसके एक हिस्से में लगी कांच की खिड़कियों को तोड़कर उन्हें ईंट की दीवार से बंद कर दिया गया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि भवन के इस हिस्से में ईवीएम रखी गई हैं। उनकी सुरक्षा के लिए यह बदलाव करना पड़ा है। हैरानी की बात यह है कि ईवीएम को नए भवन में रखने की पहले से ही योजना थी। फिर भी उसके लिए स्ट्रांग रूम नहीं बनाया गया। नतीजा यह है कि अब पूरी इमारत की डिजाइन को ही बदलना पड़ रहा है। भवन के पीछे वाला हिस्सा अजीब सा लगने लगा है।
ईवीएम की सुरक्षा के लिए खिड़कियों के कांच को तोड़ा फिर ईंट की दीवार से कराया बंद
20.25 करोड़ की लागत से बना है नया कलेक्टोरेट भवन
कॉलेज में रखी ईवीएम भी नए भवन में रखवाईं : पीजी कॉलेज में 3 हजार ईवीएम रखी थीं, जिन्हें वहां से हटाकर नए कलेक्टोरेट में शिफ्ट किया गया है। कॉलेज से इन्हें हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसके कारण कॉलेज के भवन का एक हिस्सा अनुपयोगी पड़ा हुआ था।