दो तालाबों की रिपोर्ट फरवरी में बनी, पन्हेटी की इसी माह बनी
दो तालाबों की रिपोर्ट फरवरी में बनी, पन्हेटी की इसी माह बनी
भास्कर संवाददाता | गुना
बमोरी के तीन तालाबों को लेकर इन दिनाें भाजपा और कांग्रेस के नेताओं में श्रेय की होड़ मची है। राजनीति इतनी गरमा गई है कि पार्टियां अनशन तक पर बैठ गईं। यहां तक कहा जा रहा है कि तालाबों के लिए मंजूरी भी मिल चुकी है पर खुद सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अभी कुछ भी नहीं हुआ है क्योंकि जहां से ये तालाब बनाए जाना है, वहां पर 90 फीसदी जमीन वन विभाग की है। इसलिए इनकी पर्यावरणीय मंजूरी और उक्त जमीन के बदले में राजस्व भूमि के हस्तांतरण के मुद्दे इतने पेचीदा हैं कि इसमें कई साल लग सकते हैं। हाल के दिनों में जब इन तालाबों को लेकर राजनीतिक गरमाई तो विभाग ने आनन-फानन में इनकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर दे दी। जबकि इसके लिए सर्वे भी नहीं किया गया।
डिटेल सर्वे के लिए पहले बजट में प्रावधान होता है : सूत्र बताते हैं कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाना आसान नहीं है। इसके लिए पहले सर्वे होता है। इसके लिए भी बजट में प्रावधान किया जाता है। तब जाकर यह मंजूर होता है। कई माह की मशक्कत के बाद यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनकर तैयार होती है। अभी जिन तीन तालाबों की बात की जा रही है उनकी रिपोर्ट तो चंद दिनों में ही बना दी गई।