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बुजुर्गों की उपेक्षा से परिवार की संस्कृति नष्ट हो रही है

3 वर्ष पहले
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परिवार में संवादहीनता बढ़ती जा रही है। मां-बाप का अपने बच्चों से संवाद नहीं हो पा रहा, परिवार के अन्य बुजुर्ग सदस्य उपेक्षित हो रहे हैं, जिसके कारण हमारे सांस्कृतिक मूल्य छिन्न-भिन्न हो रहे हैं। बच्चे घर में बिना टीवी देखे खाना नहीं खा रहे, एक छत के रहते हुए भी परिवार के सदस्यों को आपस में बैठकर खाने-पीने का समय नहीं है। जिसके कारण परिवारों में एकाकीपन, उदासीनता, मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही है। परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी क्या भूमिका है, बच्चों में ऐसे संस्कार विकसित किए जाएं कि वे देश के अच्छे नागरिक बन सकें।

इसी भावना को लेकर भारत विकास परिषद, शाखा गुना ने पारिवारिक गोष्ठी का आयोजन रंगमहल वाटर पार्क, गुना में किया। जिसमें परिषद के सदस्यों ने पूरे परिवार के साथ न सिर्फ साझेदारी की अपितु अपने बच्चों के साथ मौज-मस्ती, जल-क्रीड़ा के साथ-साथ सह-भोज भी किया। ताकि बच्चों के ऊपर शिक्षा का अनावश्यक दवाब न पड़े और वे परिवार के प्रति, समाज के प्रति, देश के प्रति भी जवाबदेह बन सके। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह सेंगर, संरक्षक संतोष अरोरा, सचिव नीरज अग्रवाल, मधुकर वर्मा सहित सदस्यों ने पारिवारिक गोष्ठी का आनंद लिया। सदस्यों की वैवाहिक वर्षगांठ मनाकर उन्हें शुभकामनाएं दी।

सदस्यों को भारत माता के चित्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ.सतीश चतुर्वेदी ने एवं आभार हेमलता अग्रवाल ने माना।

इसी तारतम्य में परिषद की मासिक बैठक का आयोजन भी किया गया। अध्यक्ष श्री सेंगर ने स्वागत भाषण दिया। आय-व्यय का ब्यौरा मधुकर वर्मा ने प्रस्तुत किया। सचिवीय प्रतिवेदन एवं आगामी सत्र का बजट सचिव नीरज अग्रवाल ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर परिषद की विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया।

कार्यक्रम

भारत विकास परिषद ने संगोष्ठी रंगमहल वाटर पार्क पर किया मासिक बैठक और संगोष्ठी का आयोजन

संगोष्ठी के दौरान वाटर पार्क में मौजूद भारत विकास परिषद के सदस्य।

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