शर्त: भाई को ले जा और प्रेमिका को छोड़ जा
आरोपी ने सुनील के सामने शर्त रखी थी कि वह उसके भाई को ले जाना चाहता है तो उसकी प्रेमिका को वापस छोड़ना पड़ेगा। सुनील जाटव ने यह पूरी कहानी पुलिस को बता दी। आरोपी ने जंगल में युवक को बंधक बनाकर रखा हुआ था।
पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली
थाना प्रभारी कैंट बलवीर सिंह मावई ने बताया कि बलराम के अपहरण की सूचना हमें 16 मई को मिली। इसके बाद सायबर सेल की मदद ली गई। आरोपी का मोबाइल चालू था। उससे बात कि तो बोला कि कोई विवाद नहीं है। हम दोस्त हैं और घूमने आए हैं।
युवती एक साल रही फिर छोड़कर चली गई
जिस युवती के पीछे यह अपहरण हुआ, वह आरोपी के साथ एक साल लिव इन रिलेशन में रही लेकिन बाद में वह सुनील से प्यार करने लगी। उसे शपथ पत्र पर प|ी बनकर रहने का करार कर लिया। इसी वजह से आरोपी परेशान था।
एक दिन घर दूसरे दिन जंगल में रखा
आरोपी ने एक दिन तो युवक को अपने बमोरी तहसील के गांव ढीमरपुरा स्थित घर रखा, यहां उसके एक कमरे में बंद कर रखा गया, ताकि भाग न जाए। इस दौरान उसे समय पर खाना भी नहीं दिया। आरोपी को यह पता चला कि पुलिस गांव आ रही है तो वह वहां से जंगल में चला गया। यहां पर एक पेड़ के नीचे ही युवक को रखा गया।
एक साथी अपह्त की रखवाली करता था जब दूसरा खाना लेने के लिए जाता था
अपह्त को खाने के लिए भी सिर्फ रोटी दी गईं। 17 मई की रात उसे जंगल में रखा। आरोपी का दूसरा साथी रोटी लेने जाता था, तो वह उसकी रखवाली करता था। ताकि भाग न जाए। लेकिन 18 की रात पुलिस सायबर सेल की मदद से जंगल तक पहुंच गई तो आरोपी भाग निकले।