डीएसओ के सम्मेलन में मौजूद सदस्य।
सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का किया आव्हान
उन्होंने कहा कि हाल ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा देश के 62 केंद्रीय शिक्षण संस्थानों को गैर जनवादी ढंग से स्वात्य कर दिया है। इसके तहत यूजीसी के बजट में भारी कटौती की गई है। सरकारी अनुदान को कम करके उसकी जगह ईएफए (हायर एज्युकेशन फाइनेंस एजेंसी) का गठन किया गया है। जो उच्च शिक्षण संस्थानों को ब्याज दरों पर कर्ज मुहैया कराएगी। उन्होंने छात्रों से सरकारी की इन शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाने की अपील कर है। सम्मेलन में एसयूसीआई के जिला सचिव सचिन जैन ने भी अपने विचार रखे। इसमें जिला अध्यक्ष अजीत सिंह पवार, जिला सचिव नारायण सिंह सहित 88 सदस्यीय जिला परिषद का गठन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में जिलेभर से छात्र और छात्राओं ने भाग लिया।