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एनसीईआरटी और निजी पब्लिशर्स की किताबों के चैप्टर-पेज बराबर, कीमत 9 गुना ज्यादा
नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही निजी स्कूल संचालकों की मनमानी फिर शुरू हो गई है। स्कूल संचालक एडमिशन के नाम पर स्कूल में दाखिला देने के लिए मनमानी राशि वसूल रहे हैं। एनसीईआरटी और मप्र पाठ्य पुस्तक निगम/एमपी बोर्ड की ओर से मान्य किताबों के अलावा स्कूल संचालक सीबीएसई पाठ्यक्रम के नाम पर अभिभावकों को निजी पब्लिशर्स की किताबें खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। किताबों की कीमतों में 9 गुना तक अंतर है।
निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की किताबें लेने अभिभावक जब बुक सेलर के पास पहुंचते हैं तो क्लास में चलने वाली किताबों का पूरा सेट लेना पड़ता है। यह सेट इतने महंगे बेचे जा रहे हैं कि अभिभावकों के लिए खरीदना मुश्किल हो रहा है। मसलन कक्षा छठवीं का पूरा सेट करीब तीन हजार रुपए तक बिक रहा है। अगर इसमें निजी पब्लिशर्स को अलग कर दिया जाए तो कीमत एक हजार रुपए तक रह जाएगी। यह हाल सभी क्लासों के सेट का है। निजी प्रकाशन की पुस्तक और एनसीईआरटी की पुस्तकों में कोई अंतर नहीं रहता। उसके सारे चैप्टर एक जैसे ही होते हैं। सीबीएसई स्कूलों को मान्यता जारी करता है तो शर्त रखी जाती है कि 70 प्रतिशत एनसीईआरटी की बुक चलाई जाएगी। 30 प्रतिशत निजी प्रकाशन की बुक चलाई जा सकती हैं। जबकि संचालक उल्टा कर रहे हैं।
पड़ताल करने दुकान पर पहुंचा भास्कर
भास्कर टीम किताबों की दुकानों पर पहुंची और कक्षा छठवीं की साइंस और गणित विषय की एनसीईआरटी व स्कूलों में चल रही निजी प्रकाशन की किताबों का मिलान किया। इन दोनों में चैप्टर के नाम और सिलेबस एक जैसे थे। निजी प्रकाशन की किताबों की पेज संख्या कम थी लेकिन रेट में 9 गुना अंतर दिखा। विज्ञान व गणित की किताब 50 रुपए की है जबकि निजी प्रकाशक इसे 450 रुपए में बेच रहे हैं।
शासन की गाइड लाइन का नहीं हो रहा पालन, हाईकोर्ट का फैसला बेअसर
हाईकोर्ट का फैसला भी बेअसर
15 मार्च को मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश एन किर्बूकरण ने एक फैसले की सुनवाई करते हुए सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूलों में केवल एनसीईआरटी सिलेबस की पुस्तकें पढ़ाने का आदेश दिया है लेकिन इसके बाद भी निजी स्कूलों की मनमानी खत्म नहीं हो रही है। वे अब भी अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं।
ऐसे लूटा जा रहा पालकों को
कक्षा एसपीएस मुस्कान संस्कृति तारासदन एनसीईआरटी
5 3095 2096 2460 1385 480
6 3759 1864 2455 1420 520
7 3869 2539 2540 1687 550
8 4014 2359 2585 1780 580
स्कूल संचालकों की बैठक बुलाएंगे
सही बात है, स्कूलों की मनमानी चल रही है, जिससे गरीब वर्ग परेशान है। फीस वृद्धि और मनमानी रोकने निजी स्कूल संचालकों की बैठक बुलाएंगे। इसके लिए टीएल बैठक में कलेक्टर साहब के समक्ष इस बात को रखा जाएगा। इसके बाद जो भी आदेश होंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बीके बामोरिया, बीईओ अशोकनगर।