बच्चों व बुजुर्गों को बताए उनके विधिक अधिकार
जिला न्यायाधीश ने बाल संप्रेक्षण गृह में बच्चों से व वृद्धाश्रम में बुजुर्गों से संवाद कर उन्हें उनके विधिक अधिकार बताए। शुक्रवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार लगाए गए शिविर में जिला न्यायाधीश संजीव दत्ता ने बाल संप्रेक्षण गृह में रह रहे बालकों के साथ संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने बालकों के हित संरक्षण के लिए तैयार की गई नालसा (बच्चों के लिये बाल-सुलभ विधिक सेवाएं एवं उनका संरक्षण) योजना 2015 की जानकारी दी। कार्यक्रम के उपरांत संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एके मिश्र, अपर जिला जज संजय कुमार गुप्ता, आशीष श्रीवास्तव, जिला रजिस्ट्रार केके मिश्रा, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड अरविंद श्रीवास्तव, जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपक शर्मा, सदस्य किशोर न्यायबोर्ड सतीश अरोरा, अनुसुईया रघुवंशी, बाल संप्रेक्षण अधीक्षक दिनेश चंदेल, परिवीक्षा अधिकारी आशीष रघुवंशी सहित अन्य उपस्थित थे।
इसके उपरांत न्यायाधीश संजीव दत्ता के मुख्य आतिथ्य में अपना घर-वृद्धाश्रम में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। जिसमें श्री दत्ता ने उपस्थित बुजर्गों को नालसा वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2016, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 की विस्तृत जानकारी दी। बुजुर्गों को बिस्किट व फल वितरित किए गए। इस दौरान न्यायाधीश सुश्री नीना आशापुरे, अपना घर संचालक धीरज चक्रवर्ती, जावेद खान सहित अन्य उपस्थित रहे।