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एसडीएम के आदेश के बाद भी नहीं हटा कब्जा

3 वर्ष पहले
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मामला मोहरी तालाब के डूब क्षेत्र में 750 बीघा में अतिक्रमण कर दबंगों द्वारा की जा रही खेती का

भास्कर संवाददाता| गुना

मोहरी तालाब की 750 बीघा जमीन पर अतिक्रमण कर बोई गई फसल को राजसात करने और कब्जा खाली कराने के एसडीएम के आदेश के महीनेभर बाद भी सिंचाई विभाग ने कार्रवाई नहीं की है।

अब इस मामले में सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री व एसडीओ की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दरअसल मोहरी तालाब के अंदर और डूब क्षेत्र में 750 बीघा जमीन पर अतिक्रमण कर हरवीर सिंह और गजपालसिंह द्वारा फसल बोई गई है। इस मामले में पिपरोदा कला पंचायत के नैनसुहाया निवासी संग्राम सिंह यादव ने अपर मुख्य सचिव सिंचाई विभाग भोपाल व गुना कलेक्टर को आवेदन दिया था।

इस पर कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम गुना ने बीती 16 मार्च 2018 को कार्यपालन यंत्री सिंचाई विभाग को फसल राजसात कर अतिक्रमण खाली कराने के लिए पत्र लिखा था। लेकिन विभाग ने अभी तक न तो जमीन से अतिक्रमण खाली कराया है और न ही फसल की राजसात की गई है। शिकायतकर्ता संग्राम सिंह का आरोप है कि सिंचाई विभाग के ईई जी एल धनोरे और एसडीओ ने कार्रवाई करने की बजाए अतिक्रमणकारियों से पर 3 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तिचंग लगाकर खानापूर्ति कर दी। जबकि पड़ोसी जिला अशोकनगर में तालाब में अतिक्रमण वाले किसानों पर 5 से 15 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तक तिचंग लगाकर राजस्व वसूला गया है, लेकिन गुना में इसके ठीक उलट किया जा रहा है।

आरोप है कि विभाग के ईई और एसडीओ ने मोटी रकम का लेन- देन कर किसानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

कार्रवाई करेंगे

एसडीएम ने हमें नियमानुसार कार्रवाई करने कहा था। हमने किसानों पर 3 हजार रुपए प्रति हेक्टयेर के हिसाब से जुर्माना लगाकर राजस्व वसूला है। अब यदि अगले सीजन में तालाब पर अतिक्रमण होगा तो बेदखली की कार्रवाई करेंगे। जी एल धनोरे, कार्यपालन यंत्री जलसंसाधन विभाग गुना

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