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पेट्रोल पंप पर वाहन प्रदूषण की जांच करवाकर प्रमाणपत्र न लेने पर होगा 3000 का जुर्माना
अब जल्द ही हर पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र बनाकर वाहनों का प्रदूषण जांचा जाएगा। इसके लिए जिलेभर में संचालित सभी पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र बनाकर यह सुविधा देना अनिवार्य कर दिया गया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के तहत अब सभी पेट्रोल पंपों पर वाहनों का प्रदूषण जांचने के लिए प्रदूषण जांच केंद्र बनाए जाने हैं।
इसके लिए परिवहन विभाग ने पेट्रोल पंपों पर यह केंद्र बनाकर उनके यहां पेट्रोल एवं डीजल भरवाने आने वाले वाहनों की जांच शुरू कराने के लिए कहा है। इसके लिए पेट्रोल पंप संचालकों को महीने भर की मोहलत दी गई है।
परिवहन विभाग ने जिले में संचालित 63 पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र बनवाकर सुविधा शुरू कराने एरिया आफिसर को दिए नोटिस
पेट्रोल पंप संचालक नहीं आए, इसलिए एरिया ऑफिसरों को भेजे नोटिस
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के तहत प्रदूषण जांच केंद्र स्थापित कराने के लिए अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय गुना में बुधवार को पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन इसमें सिर्फ 2 या 4 पेट्रोल पंप संचालक ही आए थे। जबकि जिले में 63 पेट्रोल पंप संचालित है। इसे लेकर अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी गुना दीपक मांझी ने शुक्रवार को भारत पेट्रोलियम, इंडेन आयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और रिलायंस कंपनी के एरिया आफिसर को नोटिस भेजे हैं। इसमें पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र बनवाकर 15 मई वाहनों की जांच की सुविधा शुरू करानी होगी।
प्रदूषण के स्तर की होगी जांच, ज्यादा होगा तो नहीं मिलेगा प्रमाण- पत्र
गुना आरटीओ दीपक मांझी ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर पीयूसी सेंटर शुरू होने के बाद वहां आने वाले वाहनों में यह जांच की जाएगी कि संबंधित वाहन में किस स्तर का प्रदूषण है। वाहन में जिस स्तर का प्रदूषण होगा उसी आधार पर वाहन का छह माह के लिए वैध प्रमाण- पत्र जारी किया जाएगा। इसमें यदि वाहन में ज्यादा स्तर का प्रदूषण पाया जाता है तो संबंधित वाहन को प्रमाण- पत्र ही जारी नहीं किया जाएगा। जिसके बाद परिवहन विभाग द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान जांच में वह वाहन पकड़ा गया तो चालानी कार्रवाई की 3 हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। प्रदूषण जांच और सार्टिफिकेट का शुल्क महज 100 से 150 रुपए होता है।