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नपा की सीमा से लगे 16 गांवों की जमीन के दाम 10 से 50% तक बढ़ने के आसार

3 वर्ष पहले
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शहरी क्षेत्र में भले रियल स्टेट मार्केट में मंदी का असर देखते हुए इस वर्ष गाइड लाइन में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है लेकिन नगर पालिका क्षेत्र के आसपास बसे गांवों की जमीनों के दाम बढ़ेंगे। उपमूल्यांकन समिति की बैठक में 16 ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है। अगर इस प्रस्ताव पर जिला मूल्यांकन समिति की सहमति बनती है तो यहां 10 से 50 प्रतिशत तक संपत्ति के रेट बढ़ सकते हैं।

दो साल से जिले की संपत्ति गाइडलाइन में वृद्धि नहीं की गई। इसके बाद भी नपा शुल्क में बढ़ोत्तरी के चलते रजिस्ट्री का खर्च बढ़ गया। इस वर्ष संपत्ति गाइड लाइन में शहरी क्षेत्र के आसपास 16 ग्रामीण क्षेत्र में परीक्षण के बाद जब बाजार मूल्य की तुलना में शासकीय रेट कम मिले तो उप मूल्यांकन समिति की बैठक में इन संपत्तियों की रेट बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया। उप पंजीयक डीसी बाथम ने बताया कि शहर में सड़क किनारे संपत्ति की रेट तो सही है लेकिन सड़क के अंदर के दाम कुछ कम हैं इसलिए गाइड लाइन में वृद्धि का प्रस्ताव भेजा गया है।

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ये हैं वे स्थान जहां गाइडलाइन बढ़ाने भेजा है प्रस्ताव

सड़क के अंदर जिन 16 क्षेत्रों की रेट बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था उसमें बांसाखेड़ी, रूसल्ला बुजुर्ग, पथरिया, टकनेरी, कोलुआ, मनकपुर, बरखेड़ा जागीर, पंवारगढ़, मोहरीराय, शंकरपुर, बरखेड़ी, पड़रिया, पछारी, मलखेड़ी, मारूप और परासरी टीकाराम के अंदर की सड़कें हैं। इनमें वर्तमान रेट की तुलना में 10 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि की जाएगी।

तीन साल पहले 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ाई थी दर

भले ही दो साल गाइडलाइन में कोई वृद्धि नहीं की गई लेकिन दो साल पहले रियल स्टेट बाजार में बूम होने पर 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि की गई थी। दो साल पहले अशोकनगर कृषि क्षेत्र में जहां 8 से 10 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्र के भूखण्डों पर 10 से 12 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। इसी तरह मुंगावली में कृषि भूमि पर 10 एवं शहरी क्षेत्र में 15, ईसागढ़ में कृषि भूमि पर 10 से 12 एवं शहरी क्षेत्र में 15 से 17, चंदेरी ग्रामीण क्षेत्र में 10 से 12 एवं शहरी क्षेत्र में 15 से 17 प्रतिशत बढ़ाई गई थी।

टारगेट बढ़ा 4 करोड़, यह भी एक वजह

वर्ष 2018-19 के लिए जिले को 34 करोड़ रुपए का टारगेट दिया गया है जो पिछले वर्ष 30 करोड़ रुपए था। इस वर्ष रियल स्टेट बाजार में मंदी की वजह से रजिस्ट्रियां नहीं हो सकी। शहरी क्षेत्र में तो कई स्थानों पर बाजार मूल्य से अधिक शासकीय रेट हैं इसलिए वहां गाइड लाइन बढ़ाई नहीं जा सकती। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार मूल्य से शासकीय मूल्य की तुलना कर प्रस्ताव बढ़ाया गया है।

शहरी क्षेत्र में इतना चुकाना पड़ता है रजिस्ट्री शुल्क... नगर पालिका क्षेत्र में शासकीय मूल्य का 10.8 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क चुकाना पड़ता है। इसमें 5 प्रतिशत स्टांप शुल्क, 3 प्रतिशत नपा शुल्क,दो प्रतिशत जनपद शुल्क और 0.8 प्रतिशत पंजीयन शुल्क चुकाना पड़ता है।

शहर में ये हैं वर्तमान में प्रति वर्गमीटर शासकीय रेट

शहर क्षेत्र: बायपास रोड

दर: 24650 प्रति वर्ग मीटर

गुना रोड...

दर- 24650 रुपए प्रति वर्ग मीटर

विदिशा रोड...

दर- 33 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर(अनुमानित)

ईसागढ़ रोड...

दर -33 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर (अनुमानित)

शहर से लगी विशिष्ठ गांव की जमीन-

नगेश्री...

दर- 10 लाख 91 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर (अनुमानित)

पवारगढ़...

दर- 6 लाख 60 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर(अनुमानित)

एक्सपर्ट कमेंट

40 प्रतिशत डाउनफॉल है

इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 40 प्रतिशत तक मार्केट में डाउनफॉल है। अगर ऐसे में रेट बढ़ा देंगे तो सौदे कम होंगे। अभी पुराने सौदे टूट रहे हैं। पैसे का आवागमन कम है। रेट बढ़ाना गलत होगा। दिलीप शर्मा, रियल स्टेट एक्सपर्ट और एडवोकेट

जिन स्थानों की रेट बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है वहां अभी बाजार मूल्य की तुलना में शासकीय रेट बहुत कम हैं। इन स्थानों पर 10 से 50 प्रतिशत तक रेट बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया है। जिला मूल्यांकन समिति की बैठक के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। डीसी बॉथम, उप पंजीयक अशोकनगर

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