भास्कर न्यूज | बालोद/ गुंडरदेही
ग्राम खपरी (लाटाबोड़) निवासी जयश्री सार्वा ने व्यापमं के पीपीएचटी परीक्षा में राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। जयश्री को 99.45 प्रतिशत अंक मिले हैं। पिता मुक्त श्याम सार्वा बोड़की प्राइमरी स्कूल में प्रधानपाठक हैं। फार्मेसी की इस परीक्षा में टॉप आने के बाद भी जयश्री डाॅक्टर बनने पर फोकस कर रही हैं। उस हिसाब से नीट की परीक्षा दिलाई है। अभी रिजल्ट नहीं आया है। इस बेटी का सपना है कि वह डाक्टर बनकर गांव में लोगों का इलाज करें। बचपन से वह जब गांव में थी तो लोगों को बेहतर इलाज के लिए दुर्ग, बालोद व अन्य बड़े शहरों में जाते देखती थी। तब से वह लक्ष्य बनाकर पढ़ाई कर रही हैं। जयश्री ने बताया उन्हें तो पता ही नहीं था कि उसने टॉप किया है। मीडिया ने उन्हें फोन पर बताया तो एकाएक विश्वास नहीं हो रहा था। फिर रोल नंबर मिलाई। मां सरस्वती बाई सार्वा मितानिन व गृहणी हैं। बड़े पापा राधे श्याम सार्वा बीएसपी में हैं। जिनके साथ जय श्री भिलाई में ही रहती है। 12 वी में 86.4 % सीबीएसई इंग्लिश मीडियम में हासिल की थी। 6 वीं तक गांव में पढ़ाई की। 7 वी-8 वी बालोद के डाल्फिन स्कूल में पढ़ी थी। फिर 12 वी तक भिलाई के हॉस्टल रहकर पढ़ रही थी। कोटा में नीट की तैयारी के लिए एक साल कोचिंग भी की है।
कामयाबी
साजा के 12 वीं बोर्ड टॉपर किसान पुत्र हरीश ने अब पीपीटी में 6 वां स्थान हािसल किया
बालोद. पीपीएचटी की टॉपर जयश्री सार्वा अपने परिवार के साथ।
12 वीं में टॉप टेन में तीसरे स्थान बनाने वाले हरीश छठे
गुंडरदेही ब्लाॅक के ग्राम साजा निवासी किसान छत्रपाल सिंग के बेटे हरीश कुमार ने व्यापमं के पीपीटी की परीक्षा में 97.89% के साथ राज्य में 6वां स्थान प्राप्त किया है। यह वही छात्र हैं, जिन्होंने पिछले साल 12 वी बोर्ड टॉप टेन में 97 % के साथ राज्य में तीसरा स्थान बनाया था। पिता ने कहा उनका बेटा किसानों का नाम रोशन कर रहा है। आम तौर पर बात आती है कि किसी शिक्षक या नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के बेटा बेटी किसी क्षेत्र में विशेष उपलब्धि हासिल करते हैं। लेकिन मेरे बेटे ने साबित कर दिया कि प्रतिभा परिस्थिति की मोहताज नहीं है, बल्कि मेहनत से किस्मत बदल सकते हैं। हरीश का सपना आईएएस करना है। अब वह इसकी तैयारी भी कर रहा है।