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पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब के तहत 20 टीमों ने किया जिले के 77 प्राइमरी स्कूलों का निरीक्षण

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | गुरदासपुर

शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी के दिशा निर्देशों पर शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार द्वारा प्राइमरी शिक्षा में सुधार लाने का प्रयास शुरू किया गया है। प्रोजेक्ट पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा जिले के 77 स्कूलों की अचानक चेकिंग की गई।

इस चेकिंग के दौरान कुछ स्कूलों में समस्या पेश आई कि अध्यापकों को पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब की पूरी जानकारी नहीं थी जिसके चलते उन्हें प्रेरित किया गया कि वो इसकी जानकारी हासिल करें तथा उसके अनुसार ही बच्चों को पढ़ाएं। शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी सलविंदर सिंह समरा के नेतृत्व में उपजिला शिक्षा अधिकारी बलबीर सिंह, डाइट प्रिंसिपल बलबीर सिंह, पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब जिला कोआर्डिनेटर विशाल मिन्हास तथा बीपीईओ व बीएमटी द्वारा जिले के विभिन्न स्कूलों का दौरा कर स्कूलों में पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब का स्तर जांचा।

निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि सभी स्कूलों में प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चल रहा है। यहां पर कोई छोटी मोटी कमी पाई गई है वहां पर अध्यापकों को प्रेरित किया गया हैं। निरीक्षण के दौरान सभी अध्यापकों द्वारा विश्वास दिलाया गया है कि स्कूलों में पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट को पूरी ईमानदारी से शुरू किया है, जिसके बढ़िया परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।

हरदोबथवाला स्कूल में अध्यापकों को पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट का रजिस्टर चेक करते डीईओ सलविन्दर सिंह समरा। -भास्कर

पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट से प्राइमरी शिक्षा का ग्राफ उठा है ऊंचा : समरा
जिला शिक्षा अधिकारी समरा ने बताया कि शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार द्वारा शुरू किए गए प्रोजेक्ट से प्राइमरी शिक्षा में सुधार होने से जिले में प्राइमरी शिक्षा का ग्राफ ऊंचा उठा है। प्रोजेक्ट शुरू होने से अध्यापकों की जिम्मेवारी निश्चित हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने वाले प्रोजेक्ट को लागू करने में कोई भी अध्यापक किसी भी प्रकार की अवहेलना न करें। अगर उन्हें प्रोजेक्ट को लागू करने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या पेश आती है तो वो तुरंत उनके, डिप्टी डीईओ, अपने बीपीईओ या जिला कोआर्डिनेटर के ध्यान में लाएं उनकी समस्या का तुरंत हल किया जाएगा। प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बारे में उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं सफलता पूर्वक चल रहीं है। अब तक लगभग 10500 बच्चे प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिल हो चुके है। प्री-प्राइमरी कक्षाओं को प्राइमरी स्कूलों में स्कूल मुखी की देख रेख में चलाया जा रहा हैं। इसके लिए हर स्कूल में एक अलग कमरा तैयार किया गया है। पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब के तहत चलाई जा रहीं प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए खेल महल तैयार किया गया है। माहिर अध्यापकों द्वारा इन कक्षाओं का पाठयक्रम इस प्रकार का निश्चित किया गया है कि बच्चों को खेल खेल में ही सिखाया जाए। प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए सहायक सामग्री स्कूलों को मुहैया करवा दी गई है। इसके साथ ही पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को भी किताबें दे दी गई है।

बच्चाें की मदद ही हमारा उद्देश्य : बलबीर
उपजिला शिक्षा अधिकारी बलबीर सिंह तथा जिला कोआर्डिनेटर विशाल मिन्हास ने कहा कि पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब कोई अलग प्रोग्राम नहीं है। यह शिक्षा का ही एक पार्ट है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य निर्धारित किए गए लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अध्यापकों तथा बच्चों की सहायता करना है। विभाग द्वारा बीएमटी तथा सीमएटी को प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की नवीन तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाती है तथा विभाग से प्राप्त की गई नवीन तकनीकों को बीएमटी तथा सीएमटी अपने अपने कलस्टर के स्कूलों में अध्यापकों को देते है।

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