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पुलिस के मेडिकल में नहीं दिखी कोई चोट तो कोर्ट ने महिलाओं का दोबारा मेडिकल करवाया, जेल भेजा

3 वर्ष पहले
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थाना पुरानाशाला में पुलिस पार्टी पर हमला करने और ड‌्यूटी में विघ्न डालने की आरोपी हैं महिलाएं

मामले की अगली सुनवाई पहली मई को होगी

भास्कर संवाददाता | गुरदासपुर

थाना पुरानाशाला में सरकारी ड्यूटी में विघ्न डालने के आरोप में 5 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार की गईं दो महिलाओं को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, तो उनके मेडिकल में उनको एक भी चोट नहीं दिखाई गई। पीड़ितों के वकील ने कोर्ट से दोबारा मेडिकल करवाने का निवेदन किया तो जज ने चोटों के निशान देखते हुए दोबारा मेडिकल करवाने का आदेश दिया। महिलाओं का मेडिकल करवाकर वापस अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया। अगली सुनवाई 1 मई को होगी।

वहीं, थाना सिटी की एसआई किरणदीप कौर ने बताया कि आरोपी रचना कुमारी, रिशी कपूर, आशा रानी, गुरदेव राज निवासी तालिबपुर तथा अमरीक सिंह पुत्र आसा सिंह निवासी करवाल के सीजेएम कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। जब वह एएसआई जसविंदर सिंह, एचसी राजिन्दर कुमार व अन्य पुलिस कर्मियों के साथ आरोपियों के घर पहुंचीं तो गुरदेव सिंह, आशा रानी, रचना अपने गिरफ्तारी वारंट देखकर तैश में आ गए और पुलिस पार्टी से अभद्र व्यवहार करने लगे। इस दौरान अशोक कुमार व सपना भी उनके घर में मौजूद थे। रचना ने अपने जीजा को हमला करने के लिए कहा। सभी ने पुलिस पर हमला कर दिया तथा बंदी बनाने की कोशिश की। इस पर एएसआई जसविंदर ने थाना पुरानाशाला पुलिस को सूचित किया। थाना पुरानाशाला पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आरोपियों को काबू किया। थाना पुरानाशाला पुलिस ने आरोपी रचना पुत्री गुरदेव राज, गुरदेव राज पुत्र जीवन मल, आशा रानी प|ी गुरदेव राज सभी निवासी तालिबपुर, अशोक कुमार, सपना प|ी अशोक कुमार निवासी दलेलपुर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में से रचना व आशा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य फरार हैं।

महिलाओं के वकील ने कहा-दोबारा मेडिकल में चोटें आईं

मंगलवार को जब पुलिस ने दोनों महिलाओं को राजिंदरपाल सिंह गिल की कोर्ट में पेश किया तो पुलिस द्वारा पेश किए मेडिकल में दोनों महिलाओं को स्वस्थ दिखाया गया था लेकिन मौके पर पीड़ित महिलाओं के वकील ने कोर्ट में निवेदन किया कि पुलिस द्वारा महिलाओं से मारपीट की गई है तथा उनके शरीर पर जख्म भी हैं। इस पर जज ने दोनों महिलाओं का दोबारा से मेडिकल करवाने का आदेश दिया। अस्पताल में आशा रानी के बेटे रिशी ने बताया कि राजनीतिक शह पर ही हमारे साथ ऐसा किया जा रहा है। हम पर जानबूझकर झूठा मामला दर्ज किया गया है। वहीं, वकील का कहना है कि महिलाओं के दोबारा मेडिकल में चोटें पाई गई हैं।

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