दीमक की बरमी की पूजा करना अंधविश्वास : तर्कशील सोसायटी
बैठक में जानकारी देते तर्कशील सोसायटी पदाधिकारी। -भास्कर
भास्कर संवाददाता| गुरदासपुर
तर्कशील सोसायटी की मासिक बैठक में दीमक की बरमी संबंधी विचार चर्चा की गई। सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि सड़क किनारे या घरों में कही दीमक की बरमी बन जाती है, जिसको अंधविश्वासी लोग नागों की जगह समझकर उन्हें पूजने लगते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीमक एक तरह का कीड़ा है, जो 10-15 फूट धरती के नीचे रहता है। वह जमीन को अंदर ही अंदर खोखला करता रहता है, जिस कारण इमारत को भी भारी नुकसान हो सकता है।
बैठक के अंत में सोसायटी पदाधिकारियों ने समूह समाज को सुझाव दिया कि कहीं पर भी बनी वरमी की पूजा न की जाए, बल्कि उसे ध्वस्त कर वहां कीटनाशक डाला जाए। इस मौके पर डॉ. सुधीर, रतन चंद लेहल, अमरीक सिंह, कंवलजीत सेखों, राजू झाखोलाड़ी, सुशील कुमार, कुनाल भल्ला, एसडीओ कस्तूरी लाल, मेजर सोमनाथ, गुरमीत सिंह पाहड़ा, राज देव, जगजीत सिंह आदि मौजूद थे।