तीनों आपस में हैं दोस्त, शादी समारोह में हुई थी तस्कर से मुलाकात
भास्कर संवाददाता | गुरदासपुर
नशा तस्कर अपना काम पूरा करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाते हैं। उन्हें तो सिर्फ अपना काम पूरा करवाना होता है उसके लिए चाहे किसी की जान जाए या फिर किसी को जेल हो उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं है। नशा तस्करी को लेकर जब पुलिस ने पुरुषों पर शिकंजा कसना शुरू किया, तो तस्करों ने महिलाओं का सहारा लेना शुरू कर दिया। लेकिन अब यह कथकंडा भी पुराना हो चुका है, जिसके चलते तस्करों ने अब नौजवान पीढ़ी को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। इसका पता इसी बात से चलता है कि वीरवार को सीआईए स्टाफ द्वारा काबू किए गए 3 नौजवानों की आयु 18 से 19 साल के बीच है। यह तीनों नौजवान गुरदासपुर में किसी को चरस देने पहुंचे थे, लेकिन हालात यह हैं कि न तो उन्हें चरस देने वाले तस्कर का नाम पता है और न ही उन्हें यह पता था कि उन्हें आगे यह सामान किसे देना है। उन्हें तो सिर्फ यह बात पता थी कि माल सप्लाई करने के बाद तस्कर द्वारा उन्हें नया मोटरसाइकिल खरीद कर देना था।
वीरवार को सीआईए स्टाफ ने नाकाबंदी के दौरान दो पल्सर मोटरसाइकिलों पर सवार 3 युवकों को काबू कर उनसे सवा 3 किलो चरस बरामद की थी। उक्त युवकों की पहचान विक्की शर्मा निवासी परनोटी जिला चंबा (हिमाचल प्रदेश) तथा बसंत सिंह उर्फ काकू निवासी सिकोटी जिला चंबा हिमाचल प्रदेश तथा दविन्दर कुमार निवासी लमांग जिला चंबा हिमाचल के रूप में हुई थी। यह तीनों आपस में दोस्त हैं तथा हाल ही में उन्होंने 12वीं की परीक्षा दी थी।
सीआईए स्टाफ बलदेव राज शर्मा ने बताया कि रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में विक्की ने बताया कि जिस व्यक्ति ने उन्हें चरस दी थी, वह हमें एक शादी समारोह में मिला था। उसी दौरान उसने हमें पैसों का लालच देकर नशा तस्करी के लिए उकसाया। पहली बार नशा तस्करी के बाद उन्हें कुछ रुपए दिए गए, जिस कारण उनका हौंसला बढ़ गया। विक्की व दविन्दर के पास तो बाइक थी, लेकिन बसंत के पास नहीं थी जिसके चलते नशा तस्कर ने वादा किया था कि इस बार सामान पहुंचाने के बाद वो बसंत को नई बाइक खरीद कर देगा। लेकिन, इस बार यह लोग पुलिस के हाथ लग गए।
मोटरसाइकिल नंबरों से पहचानते हैं तस्कर
इंचार्ज बलदेव राज ने बताया कि उक्त नौजवानों को न तो नशा बेचने वाले तस्कर का नाम पता है और न ही उन्हें पता होता है कि आगे यह सामान किसे देना है। इन लोगों को सिर्फ जगह बताई जाती है कि जहां इन्हें खड़ा होना होता है। उसके बाद सामान लेने वाला आदमी इनके मोटरसाइकिल नंबरों के आधार पर उनके पास आकर सामान लेकर चला जाता है। तीनों को 1 दिन रिमांड के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।