भास्कर संवाददाता | गुरदासपुर
जुलाई में पंचायतों के चुनाव होने वाले हैं, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा सरपंचों को पिछले 3 साल से वेतन जारी नहीं किया गया। इससे रोष में आए सरपंचों द्वारा बनाई पंचायत यूनियन ने वीरवार को गुरु नानक पार्क में एकत्र होकर रोष रैली की। इसके बाद वह रोष मार्च व नारेबाजी करते हुए डीसी दफ्तर पहुंचे और डीसी को मांगपत्र सौंपा।
रोष रैली का नेतृत्व पंचायत यूनियन के जिला प्रधान लखविन्दर सिंह ने किया। वक्ताओं ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा समय से पहले ही गांवों के लोगों द्वारा चुने गए नुमाइंदों सरपंचों को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है, जबकि पंचायती चुनाव सिर पर हैं। पंजाब सरकार द्वारा सरपंचों को पिछले 3 सालों से वेतन तो जारी नहीं किया गया, उल्टा समय खत्म होने से पहले ही पंचायती फंडों पर रोक लगा दी है। इससे गांवों में होने वाले विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पंजाब सरकार को चाहिए कि जब तक सरपंचों का समयकाल है तब तक फंडों पर रोक न लगाए, क्योंकि चुनावों से पहले चुनाव जाबता लागू हो जाएगी, जिसके बाद विकास कार्य बिल्कुल बंद हो जाएंगे।
गुरु नानक पार्क में रोष रैली करने के बाद पंचायत यूनियन के सदस्य नारेबाजी करते डीसी दफ्तर पहुंचे जहां उन्होंने डीसी को मांगपत्र दिया। उन्होंने डीसी से उनकी मांगों को जल्द से जल्द हल करवाने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों को हल नहीं किया गया तो वो लोग आने वाले पंचायती चुनावों का पूर्ण तौर पर बायकाट करेंगे।
इस मौके पर दलबीर सिंह, जोगिन्द्र सिंह, रंजीत सिंह, मनजीत सिंह, अमरजीत पाल सिंह, गुरभेज सिंह औलख, बलविन्दर सिंह, हरप्रीत सिंह, जसविन्दर कौर, निरंजन पाल, बलबीर सिंह, गुरदयाल सिंह, दर्शन लाल, सुरिंदर कुमार, गुरमुख सिंह, जसबीर सिंह, आशा रानी, हरभजन सिंह, मलकीत सिंह भी उपस्थित थे।
पंचायत चुनाव
गुरु नानक पार्क से डीसी दफ्तर तक मांगों को लेकर निकाला रोष मार्च, डीसी को सौंपा मांगपत्र
डीसी दफ्तर जाते पंचायत यूनियन के पदाधिकारी। (दाएं) डीसी को मांगपत्र देते हुए।
ये हैं मांगें
सरपंचों का अब तक का बनता वेतन जल्द जारी किया जाए, पंचायतों पर लगाए गए जीओजी तुरंत बंद किए जाएं, ताकि गांव के लोगों द्वारा चुने गए नुमाइंदों का मान सम्मान बरकरार रह सके। इसके अलावा पंचायत फंड पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा अभी तक नोटीफिकेशन जारी नहीं किया गया, जबकि फंड पर विभाग द्वारा रोक लगा दी गई है। इस रोक को जल्द से जल्द हटाया जाए।