मप्र के गुना व शिवपुरी जिलों में मार्कफेड ही गेहूं की खरीद करती है और बाकी जिलों में मप्र स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन द्वारा गेहूं खरीदा जाता है। भंडारण का पूरा काम मप्र वेयर हाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन (एमपीडब्ल्यूएलसी) द्वारा किया जाता है। अभी चार वेयर हाउस में 15 हजार मीट्रिक टन की जगह खाली है जबकि एमपीडब्ल्यूएलसी के रीजनल मैनेजर द्वारा एक और गोदाम को लेने की अनुशंसा की गई है।
ट्रकों के कारण बनी जाम की स्थिति
शनिचरा रोड पर एक साथ कई ट्रक आ जाने से वहां जाम की स्थिति बन गई। अगर एमपीडब्ल्यूएलसी के अधिकारी प्लानिंग से काम करते तो अलग-अलग गोदाम में गेहूं शिफ्ट किया जा सकता था। दूसरी ओर अफसर खुद मान रहे हैं कि यहां गोदामों में काफी जगह खाली है। जबकि मार्कफेड के अधिकारियों का कहना है कि हमारा काम केवल गेहूं भेजने का है। किस गोदाम में रखना है, कहां नहीं रखना यह काम एमपीडब्ल्यूएलसी का है।
हमारे यहां से नाम गया था
 मार्कफेड ने वेयर हाउस का नाम मांगा था। जो हमने उन्हें दिया था। हम धीरे-धीरे सभी गोदामों में माल रखेंगे। किसी एक वेयर हाउस का नाम देने के लिए कोई विशेष बात नहीं। हम सभी जगह माल पहुंचाएंगे। जहां तक नए वेयर हाउस से अनुबंध करने की बात है वह इसलिए किया गया है क्योंकि आवेदन की तारीख खुली हुई है। कोई भी आवेदन कर सकता है। रामप्रसाद वर्मा, आरएम, मप्र वेयर हाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन
एमपीडब्ल्यूएलसी करती है चयन
 गुना में खरीद मार्कफेड द्वारा की जाती है। ग्वालियर संभाग में बाकी जगह हमारे द्वारा खरीद की जाती है। लेकिन किस गोदाम में रखा जाना है यह एमपीडब्ल्यूएलसी ही तय करती है। संजय सक्सेना, डीएम एमपी स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन