यूनानी शब्द ड्रान से आया है ड्रामा, रंगकर्म थिया से
रंगमंच और नाटक में अंतर है, लेकिन लोग इसे एक ही समझते हैं। ड्रामा एक ऐसा शब्द है, जो यूनानी शब्द ड्रान से आया है, जिसका मतलब है करना या प्रदर्शन करना। दर्शकों के सामने श्रवण ही नहीं बल्कि दृष्टि द्वारा भी उनके हृदय में रसानुभूति कराना ही नाटक है। नाटक में श्रव्य काव्य से ही अधिक रमणीयता आती है। वहीं रंगमंच यूनानी शब्द थिया से आया है, जिसका अर्थ है दृश्य। यह वह स्थान है जहां एक ही जगह पर कई लोग, नाटककार, एक निर्देशक, अभिनेता और टेक्निशियन सामूहिक रूप से नाटक को जीवंत करने का प्रयास करते हैं। ताकि दर्शकों को मंच पर जो कुछ भी हो रहा है, वह असली लगे। यह बात थिएटर एक्सपर्ट सचिन मजूमदार ने दाल बाजार स्थित नाट्य कला मंदिर में चल रहे रंग शिविर में कही। उन्होंने प्रतिभागियों को नाटक की पृष्ठभूमि, उसके प्रकार और उसमें कॅरियर के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर 30 प्रतिभागियों ने विभिन्न एक्सरसाइज कर वार्मअप भी किया। अंत में प्रतिभागियों को संवाद बोलने का अभ्यास कराया गया। एक्सपर्ट ने उनकी कमियां और मजबूती के बारे में बताया।
जल्द शुरू होगी पेंटिंग की क्लास
आर्टिस्ट कंबाइन के पदाधिकारियों ने बताया कि रंग शिविर में अभी थिएटर की क्लास लग रही हैं। आगामी दिनों में पेंटिंग की क्लास शुरू की जाएंगी। इसके लिए आवेदन आने की शुरुआत हो गई है। 20 से 25 प्रतिभागी होते ही यह क्लास शुरू करवा दी जाएगी। इसके लिए राजा मानसिंह तोमर आर्ट एंड म्यूजिक यूनिवर्सिटी और फाइन आर्ट कॉलेज से एक्सपर्ट बुलाए जाएंगे।
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