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20 दिन के प्रशिक्षण में जीते 9 मेडल

3 वर्ष पहले
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स्पोर्ट्स रिपोर्टर | ग्वालियर

2016 में हुए रियो ओलिंपिक में दीपा कर्माकर देश को पदक दिलाने से तो चूक गईं लेकिन उनकी इस उपलब्धि ने देश की कई युवा प्रतिभाओं को जिम्नास्टिक में भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। ऐसी ही कहानी है पद्मा स्कूल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही प्रियंका मिश्रा की जिन्होंने 28 मार्च को एलएनआईपीई में आयोजित देश की पहली प्रो-एएम लीग में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 5 गोल्ड समेत 9 मेडल पर कब्जा जमाया। इसमें खास बात ये रही कि नेशनल लेवल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाली ग्वालियर ग्लोरी हाई स्कूल की प्रियंका ने मार्च के प्रथम सप्ताह से ही प्रशिक्षण लेना शुरू किया था।

पद्मा कन्या विद्यालय परिसर में शाम के समय खिलाड़ियों को अभ्यास कराते जिम्नास्टिक कोच यशपाल सिंह। फोटो : भास्कर

बास्केटबॉल कोच की पहल

रंग लाई

बास्केटबॉल कोच रवि मिश्रा ने इस काम को करने का बीड़ा उठाया। सबसे पहले उन्होंने जीवाजी विवि से ग्रेजुएशन कर रहे यशपाल सिंह को कोचिंग का जिम्मा सौंपा। जुलाई 2016 से पद्मा विद्यालय परिसर में शुरू हुई ये नर्सरी अब धीरे-धीरे आकार ले रही है। वर्तमान में 16 से अधिक खिलाड़ी यहां नि:शुल्क प्रशिक्षण ले रही हैं।

इन्होंने जीते थे प्रो-एम लीग में पदक

प्रियंका मिश्रा : 5 गोल्ड मेडल , 4 सिल्वर मेडल (ग्वालियर ग्लोरी हाई स्कूल)

इशिका तोतलानी :

3 ब्रोन्ज मेडल, (ग्वालियर ग्लोरी हाई स्कूल )

मनस्वी गुप्ता : 1 सिल्वर मेडल, 1 ब्रॉन्ज मेडल (ग्वालियर ग्लोरी हाई स्कूल)

अनूपा दरः सिल्वर मेडल (कार्मल कान्वेंट स्कूल)

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