भारत को एक बार फिर बनाना होगा विश्व गुरु: अदिति भारती
सोने की चिड़िया कहा जाने वाला भारत देश को हमें एक बार फिर विश्व गुरु बनाना होगा। इसके लिए हमें संकल्प लेना होगा। ऋषि-मुनियों की धरा भारत को आत्ममंथन और ब्रह्म ज्ञान के माध्यम से ही विश्व गुरु के स्थान पर स्थापित किया जा सकता है। यह बात दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा हजीरा मनोरंजनालय में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत सुनाते हुए सुश्री अदिति भारती ने कही।
अाठवें दिन स्वामी हितेंद्रानंद जी के भजन के साथ कथा प्रारंभ हुई। सुश्री भारती ने बताया कि कथा एक ऐसा पुराण है जिसे जो भी समर्पण भाव से सुनता वह खुद ईश्वर में लीन हो जाता है। सावित्री की कथा सुनाते हुए कहा कि राजा अश्वपति और महारानी मालती पुत्र नहीं होने के कारण दुखी रहते थे। मुनि पराशर के आशीर्वाद से उन्हें पुत्री की प्राप्ति हुई। इसका नाम सावित्री रखा गया। सावित्री का विवाह सत्यवान से होना था। मुनि पराशर ने बताया कि सत्यवान के जीवन का सिर्फ एक वर्ष शेष है। इस पर सावित्री ने कहा कि मैं सत्यवान को अपना वर मान चुकी हूं, जो भी होगा मुझे मंजूर होगा। इस पर सावित्री और सत्यवान का विवाह करा दिया गया। जब सत्यवान का अंतिम समय आया तो सावित्री सत्यवान के साथ वन में गईं। जब यमराज ने सत्यवान के प्राण हर लिए तो सावित्री ने यमराज का ब्रह्म लोक तक पीछा नहीं छोड़ा और यमराज से सत्यवान के प्राण वापस ले लिए। कथा में महाआरती केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, संभागायुक्त बीएम शर्मा, महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, राजेश सोलंकी ने उतारी।
अाठवें दिन स्वामी हितेंद्रानंद जी के भजन के साथ कथा शुरू हुई
हजीरा मनोरंजनालय में चल रही कथा के दौरान नृत्य करते श्रद्धालु। फोटाे: भास्कर
पूजन करते केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र िसंह तोमर।