मां के ऑपरेशन के लिए केआरएच से ओपीडी पहुंचा, न अल्ट्रासाउंड हुआ और न ईसीजी
जेएएच में 2 घंटे की ओपीडी में अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी की जांचें नहीं होने से शनिवार को मरीज परेशान रहे। बलराम नामक अटेंडेंट की मां केआरएच के सर्जरी वार्ड में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने के साथ ही ईसीजी की जांच कराने के लिए कहा। बलराम की मां का ईसीजी सिर्फ इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि डॉक्टरों ने ईसीजी की रिपोर्ट भी साथ लाने के लिए कहा था। ईसीजी तो हो रहा था, लेकिन रिपोर्ट देने के लिए कोई डॉक्टर नहीं था। ईसीजी करने वाली नर्स ने उसे यह कहकर लौटा दिया कि ईसीजी तो वह कर रही हैं, लेकिन बिना रिपोर्ट के डॉक्टर उसे मान्य नहीं करेगा, लिहाजा सोमवार को आना। इसके बाद बलराम अल्ट्रासाउंड के लिए रेडियोलॉजी विभाग पहुंचा। रेडियोलॉजी विभाग में गार्ड ने यह कहते हुए मना कर दिया कि आज छुट्टी है, सोमवार को आना। बलराम बार-बार कहता रहा कि आप जांच कर लो, रिपोर्ट मैं सोमवार को ले जाऊंगा। कम से कम मां को बार-बार तो केआरएच से यहां नहीं लाना होगा, लेकिन गार्ड ने कहा कि वह कुछ नहीं कर सकता है।
तीन दिन से काट रहा हूं चक्कर नहीं हो पा रहा अल्ट्रासाउंड
वहीं सिद्धपुरा निवासी बाबूलाल का कहना था कि पिछले तीन दिन से गांव से यहां दिखाने आ रहा हूं, लेकिन अल्ट्रसाउंड नहीं हो पा रहा है। कल जब दिखाने आया था तो बोला था कि शनिवार को आ जाना। अब बोल रहे हैं सोमवार को आ जाना। रोज चक्कर काटता रहूंगा तो इलाज कब कराऊंगा। किराए में पैसे बर्बाद करने से अच्छा है कि प्राइवेट में जाकर दिखा लूं और बाजार में ही अल्ट्रासाउंड करा लूं। इसी तरह गोविंदपुरी से इलाज के लिए आए श्याम को मेडिसिन विशेषज्ञ ने ब्लड की जांच कराने के लिए कहा। जब श्याम सीपीएल पहुंचा तो वहां यह कहकर मना कर दिया कि आज छुट्टी है इसलिए जांच नहीं हो सकेगी। आधा-अधूरा इलाज लेकर श्याम वापस चला गया।
डॉट्स में नहीं बैठे डॉक्टर
जेएएच में 2 घंटे की ओपीडी में अधिकांश कमरों में सीनियर डॉक्टर बैठे थे। डॉ. अजय पाल सिंह, डॉ. योगेंद्र पहारिया,डॉ. अनुभव गर्ग, डॉ. सचिन जैन, डॉ. योगेंद्र वर्मा,डॉ. सौरभ बैठे थे। कार्डियोलॉजी और एनेस्थेसिया में कोई सीनियर डॉक्टर नहीं बैठा था, यहां जूनियर डॉक्टर ही मरीज देख रहे थे। डॉट्स में कोई डॉक्टर नहीं बैठा था। यहां कर्मचारी दवा दे रहा था।
जांच के लिए परेशान होते मरीज।
विभागाध्यक्ष से पूछा जाएगा
दो घंटे की ओपीडी में अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी की जांच भी होनी चाहिए। जांच क्यों नहीं हुई, इस संबंध में संबंधित विभागाध्यक्ष से पूछा जाएगा। साथ ही निर्देश दिए जाएंगे कि दो घंटे की ओपीडी में अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी की जांच की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। डॉ. जेएस सिकरवार,अधीक्षक जेएएच समूह
कोबाल्ट की मशीन हुई खराब कैंसर रोगियों की रुकी सिंकाई
हेल्थ रिपोर्टर| ग्वालियर
जेएएच में कैंसर मरीजों की सिंकाई के लिए प्रयोग होने वाली कोबाल्ट थैरेपी की मशीन पिछले तीन दिन से खराब है। इस कारण कैंसर के रोगियों की सिंकाई नहीं हो पा रही है। इतना ही नहीं, 8 साल बाद शुरू हुई एचडीआर का सोर्स खत्म हो जाने के कारण सिंकाई फिर से बंद हो गई है।
जेएएच में ग्वालियर-चंबल संभाग से कैंसर के रोगी इलाज कराने आते हैं। जेएएच में पिछले 8 साल से बंद कैंसर के रोगियों की अंदर से सिंकाई करने वाली एचडीआर मशीन करीब 4 माह पहले चालू हुई थी। इस मशीन में सिंकाई के लिए प्रयोग किया जाने वाला सोर्स खत्म हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने अभी तक दूसरा सोर्स मंगवाया नहीं है। लिहाजा, एचडीआर की सिंकाई फिर से बंद हो गई है। कोबाल्ट थैरेपी देने वाली मशीन भी खराब हो गई है। मशीन खराब होने के कारण कोबाल्ट थैरेपी भी बंद हो गई है। कैंसर के मरीजों की न तो कोबाल्ट थैरेपी हो पा रही है और न ही एचडीआर सिंकाई। टीपीएस सिस्टम नहीं कर रहा काम: कैंसर रोगियों को कितनी डोज देनी है इसके लिए ट्रीटमेंट प्लानिंग सिस्टम बनाया गया है। इसमें तय किया जाता है कि मरीज को कितनी डोज सिंकाई देनी है। यह सिस्टम भी खराब पड़ा हुआ है। इस मामले में जीआरएमसी डीन डॉ. एसएन अयंगर का कहना है कि कोबाल्ट और एचडीआर की सिंकाई नहीं हो रही है। इसकी जानकारी विभाग द्वारा नहीं भेजी गई है। फिर भी इस संबंध में विभागाध्यक्ष से पूछा जाएगा कि मशीनें क्यों ठीक नहीं कराई गईं? जल्द ही इन मशीनों को चालू कराया जाएगा।