2 साल के बेटे को पति ने संभाला, घर से मिला मोटिवेशन और 109 ट्रेनी बनीं एएनओज
मेरा दो साल का बेटा है, जब ट्रेनिंग के लिए नाम सेलेक्ट हुआ तो मन में संशय था कि जाऊं या नहीं, तब पति ने हिम्मत बढ़ाई। वे बोले बेटे का ख्याल मैं रख लूंगा तुम ट्रेनिंग पर ध्यान दो। मैं केरल से हूं इसलिए हिंदी भी नहीं आती, यहां रहकर मैंने हिंदी बोलना भी सीखा। यह कहना है ट्रेनी से एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर (एएनओ) बनीं अनु जोस का। उन्हें एनसीसी विषय में श्रेष्ठ प्रदर्शन पर गोल्ड मेडल दिया गया। शनिवार को एनसीसी ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) की पासिंग आउट परेड हुई। इस अवसर पर ओटीए के कमांडेंट ब्रिगेडियर तपन लाल साह मौजूद रहे।
एनसीसी ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी की पासिंग आउट परेड शनिवार को हुई। इसमें 56 सीनियर और 53 जूनियर वर्ग की ट्रेनी एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर्स बनीं
Passing Out Parade
अनु जोस
इन्हें मिले मेडल और ट्रॉफी | बेस्ट एनसीसी महानिदेशक ट्रॉफी- मीनाक्षी गहलोत एनसीसी प्लेक ऑफ ऑनर व कमांडेंट का स्वर्ण पदक- सिंघम वैष्णवी व वंदना चैंपियंस ट्रॉफी- अल्फा कंपनी।
पासिंग आउट परेड के दौरान मार्च पास्ट करतीं एएनओज।
ट्रेनिंग के दौरान सीखा योगा
एनसीसी में मेहनत काफी है, शुरू में मन नहीं लग रहा था और मां की याद भी आई। लेकिन धीरे धीरे सब कुछ सामान्य हो गया। मुझे योगा नहीं आता था, योगा सीखा और आज उसके बारे में बहुत कुछ जानती हूं।  - वंदना चौधरी, स्वर्ण पदक एनसीसी आंध्रप्रदेश डायरेक्टोरेट
सरस का मतलब अच्छी हूं
मां काफी बीमार रहती हैं, ट्रेनिंग के दौरान रात 9 बजे रोजाना उनसे बात करती थी। जब वो कहती थीं कि तुम कैसी हो तो मैं उन्हें गुजराती में सरस कहती । जिसका मतलब अच्छा होता है। फिर मेरा नाम सरस हो गया।  - डॉ. कामिनी वी दशोरा, एनसीसी गुजरात डायरेक्टोरेट