अब डेमोंस्ट्रेटर, ट्यूटर बन सकेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बदले असिस्टेंट प्रोफेसर के भर्ती नियम
जीआरएमसी सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के भर्ती नियमों में परिवर्तन किया गया है। नए नियमों के तहत अब मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ डेमोंस्ट्रेटर, ट्यूटर, मेडिकल ऑफिसर व सीनियर रेजीडेंट को असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का अवसर दिया जाएगा।
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मनीष शर्मा. ग्वालियर
असिस्टेंट प्रोफेसर के पद सीधी भर्ती के है लेकिन अब इन्हें कॉलेज स्तर पर ही भरा जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2003 में विशेष परिस्थितियों के चलते प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 50 डेमोंस्ट्रेटर, ट्यूटर को असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया गया था। इस पद के लिए क्लीनिकल सब्जेक्ट में डॉक्टर को एमबीबीएस, एमडी,एमएस के साथ एक साल की एसआरशिप जरूरी है जबकि नॉन क्लीनिकल में एमबीबीएस के साथ एमडी, एमएस ही जरूरी है।
डॉक्टरों की कमी दूर होगी
डॉ. उल्का श्रीवास्तव, डीएमई, मप्र
नई नीति से मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी । पहले चरण में हम डेमोंस्ट्रेटर, टयूटर की असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर भर्ती करेंगे। सीनियर रेजीडेंट को अवसर देने का अधिकार मेडिकल कॉलेजों को दिए गए है। अगले चरण में बचे हुए पदों पर देश भर के डाॅक्टर आवेदन कर सकेंगे।
मेडिकल कॉलेज को पहला अवसर
बीएम शर्मा, संभागायुक्त व अध्यक्ष जीआरएमसी
हम असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर पहला अवसर मेडिकल कॉलेज के डिमोंस्ट्रेटर, टयूटर को देंगे। योग्यता के हिसाब से उनकी भर्ती के बाद हम खुली भर्ती भी करेंगे, जिसमें एमसीआई से अर्हता प्राप्त कोई भी डॉक्टर भाग ले सकेगा।
जीअारएमसी की स्थिति
डेमोंस्ट्रेटर
कुल सीटें भरे रिक्त
49 44 05
ट्यूटर
कुल सीटें भरे रिक्त
07 06 01
मेडिकल ऑफिसर
कुल सीटें भरे रिक्त
12 11 01
सीनियर रेजीडेंट
कुल सीटें भरे रिक्त
30 25 05
नई नीति अपनाई जा रही है
शरद जैन, मंत्री चिकित्सा शिक्षा विभाग
प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में नई भर्ती नीति अपनाई गई है। इसके तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर पहला अवसर मेडिकल कॉलेज के ही डॉक्टरों को दिया जा रहा है। दूसरा चरण आेपन कैटेगरी के तहत भरा जाएगा।
25 पदों पर कर सकेंगे आवेदन
जीआरएमसी के विभिन्न विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 25 पद रिक्त है, जिन्हंे अब प्रमोशन के जरिए भरा जा रहा है। इस प्रक्रिया में प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों सहित देश भर के पीजी डॉक्टर जो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की अर्हता पूरी रखते है शामिल नहीं हो पाएंगे।