iit और nit को मात दे रहे rjit के छात्र
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से लैस रोबोट तैयार करने हों या सोलर एनर्जी से चलने वाली कार। ऐसे सभी प्रयोगों में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स द्वारा संचालित रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरजेआईटी ) के छात्र आईआईटियंस तक को मात दे रहे हैं। इस कॉलेज के 100 से अधिक स्टूडेंट्स सात टीमों में बंटकर प्रयोग से संबंधित कई प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और 20 से अधिक प्रतियोगिताओं जीतने के साथ ही विभिन्न कैटेगरी में अवॉर्ड प्राप्त किए हैं।
अपने रोबोट के साथ आरजेआईटी के छात्र।
स्टूडेंट्स को सपोर्ट कर रहे हैं
महाबीर प्रसाद, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर आरजेआईटी
हमारे संस्थान के छात्र विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह अनुशासन और छात्रों की मेहनत का परिणाम है। हमारा प्रयास है कि इन्हें और बेहतर सुविधाएं दें, ताकि ये शहर और संस्थान का नाम रोशन कर सकें।
स्पॉन्सरशिप के लिए आए ऑफर
डॉ. अरविंद कुमार जैन, प्रिंसीपल आरजेआईटी
छात्रों द्वारा बनाए रोबोट और वाहनों को सराहना मिली है। कई मामलों में हमने आईआईटी और एनआईटी के छात्रों को भी पीछे छोड़ दिया है। कई कंपनियां हमारे छात्रों की मदद के लिए स्पॉन्सरशिप तक देने के लिए तैयार हो रही हैं।
देश के 117 संस्थानों को हराकर जीता अवॉर्ड
आरजेआईटी संस्थान ने गत मार्च माह में पुणे में आयोजित एशिया लेवल कॉम्पटीशन में देश के आईआईटी व एनआईटी सहित 117 संस्थानों को पछाड़कर बेस्ट शटल कॉक अवॉर्ड जीता। इसके लिए स्टूडेंट्स के 14 सदस्यीय टीम रोबोल्यूशन ने चार महीने की मेहनत के बाद दो रोबोट तैयार किए थे। इसमें से एक रोबोट मैनुअली वर्क यानी कि रिमोट से संचालित होता है और दूसरा रोबोट ऑटोमेटिकली निशाना लगाता है। यह टास्क वियतनाम ने दिया था, जिसमें रोबोट के माध्यम से शटल कॉक (कॉटन से बनी गेंद) को एक नेट में फेंका जाता है। इसी प्रकार यहां की अन्य छह टीमें भी सोलर एनर्जी, क्वाड टोर्क जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।