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कोच में फंसे थे यात्री, धुएं से कुछ दिख नहीं रहा था खिड़की पर हाथ मार रहे थे, नजर पड़ी तो बचाने दौड़े

3 वर्ष पहले
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एपी एसी एक्सप्रेस के कोच में आग लगने की घटना के बाद यात्रियों को निकालते पुलिस के जवान। दूसरे चित्र में अपने बच्चे को गोद में उठाए सुरक्षित ठिकाने की तरफ बढ़ती महिला यात्री।

रेलवे रिपोर्टर| ग्वालियर

अाग लगने से कोचों में धुआं भर गया था। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। जब ट्रेन में आग लगने का अनाउंसमेंट हो रहा था, तब बी-7 कोच में दो यात्री सो रहे थे। कोच में धुआं ज्यादा भरने पर दोनों की नींद खुली। उन्होंने हाथ से खिड़कियां पीटना शुरू किया। यह देख मौके पर खड़े लोगों ने खिड़कियों के कांच तोड़े, कुछ लोग दूसरी तरफ से कोच में घुसे और फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकाला। यह कहना है दिल्ली से नागपुर जा रहे नागपुर निवासी राजेश, संजय और पराग का। ये लोग अपने परिवार के साथ एपी एसी एक्सप्रेस के बी-2 कोच में सवार थे। बी-7 बोगी में सवार विशाखापटनम जा रहे राजू ने कहा, भगदड़ के कारण मेरा सामान ट्रेन में छूट गया। एक बैग में कपड़े थे और एक बैग में मोबाइल चार्जर और 3000 रुपए थे। सीआरपीएफ में पदस्थ योगेश शर्मा को मंगलवार को ड्यूटी ज्वाॅइन करनी थी। कोच बी 6 में 66 और बी 7 में 75 यात्री सवार थे।

डिप्टी कलेक्टर आज शताब्दी से जाएंगे: ट्रेन से भोपाल जा रहे डिप्टी कलेक्टर ने अपनी यात्रा रद्द कर दी है। अब वे मंगलवार को शताब्दी एक्सप्रेस से भोपाल रवाना होंगे।

तत्काल बनाई हेल्प डेस्क: घटना बाद रेलवे प्रबंधन ने डिप्टी एसएस कार्यालय के बाहर हेल्प डेस्क बना दी। हेल्प डेस्क बनते ही यहां पर यात्रियों की भीड़ लग गई। अधिकांश यात्री हेल्प डेस्क पर जनरल टिकट वापसी के लिए पहुंचे थे।

परिवार के साथ अपना सामान उठाए जाते यात्री।

तीन करोड़ से अधिक का नुकसान

रेलवे के कैरिज एंड वेगन के विभाग से एक मंडल अधिकारी के अनुसार, आग से नष्ट हुए कोच बिलकुल आधुनिक तकनीकी के हैं। एक कोच की लागत लगभग 1.50 करोड़ है। आग से दोनों कोच नष्ट हो गए इसलिए लगभग 3 करोड़ का नुकसान तो है ही। इसके अलावा ओएचई मेंटेनेंस और पेंट्रीकार कोच के कांच टूटने से भी नुकसान हुआ है।

एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड से फेंका फोम

आग पर काबू न होने पर एयरफोर्स से भी मदद मांगी गई। बानमोर व एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची लेकिन तब तक कोच लगभग पूरे जल चुके थे। एयरफोर्स के सुरक्षा कर्मी फोम के पाइप को लेकर कोच के अंदर पहुंचे और सुलग रही आग को बुझाया। एयरफोर्स के अमले ने बताया कि कोच में यात्रियों का काफी सामान भी जला है।

पुलिस व कुलियों ने की मदद

बिरलानगर स्टेशन से जब एपी एसी एक्सप्रेस को ग्वालियर स्टेशन के लिए रवाना किया गया तब यात्रियों के बच्चों व उनके सामान को कोच में चढ़ाने में वहां मौजूद पुलिस कर्मी व कुलियों ने आगे आकर मदद की। बिरलानगर स्टेशन पर मेंटेनेंस में लगे कर्मचारियों को पानी तक की व्यवस्था रेलवे अफसरों ने नहीं की थी।

डीएसपी व आरक्षक घायल

ट्रेन के कोच की आग बुझाने के दौरान कोच के कांच फोड़ने की कोशिश में डीएसपी ट्रैफिक मनोज वर्मा व आरक्षक विद्याचरण शुक्ला के हाथ में चोट में लग गई।

प्लेटफार्म पर लगी यात्रियों की भीड़

प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्रियों की भीड़ हो गई। ग्वालियर से भोपाल की ओर जाने वाली कई ट्रेनों के यात्री प्लेटफार्म पर इकट्ठे हो गए। एसी वेटिंग रूम खचाखच भर जाने से वहां घुटन का माहौल था।

भिंड जाने वाली दो ट्रेन रद्द, 7.30 घंटे देरी से आई ताज, आज भी होगी लेट

ग्वालियर|
एसी एपी एक्सप्रेस में लगी आग के कारण सोमवार को जहां भिंड की आेर जाने वाली दो ट्रेन रद्द करनी पड़ीं। वहीं कई गाड़ियां दो से लेकर 8 घंटे तक लेट हुईं। ताज एक्सप्रेस 7.30 घंटे की देरी से शाम 7 बजे ग्वालियर आैर रात 9.05 बजे झांसी पहुंची। वहां सेरात 10 बजे ट्रेन वापस ग्वालियर के लिए रवाना होकर तड़के दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई गई। एेसे में मंगलवार को भी ताज एक्सप्रेस के लेट होने की संभावना है। ये ट्रेन आईं लेट : उदयपुर इंटरसिटी 9.45 घंटे । पंजाब मेल-8.15 घंटे । छत्तीसगढ़ आैर हीराकुण्ड 6.15 घंटे। झेलम-5.10 घंटे। मंगला- 5.35 घंटे। उत्कल 2.55 घंटे। सचखंड 3 घंटे की देरी से ग्वालियर पहुंची। इसी तरह डाउन ट्रैक दो घंटे तक बंद रहने से झांसी की आेर से आने वाली ट्रेन एक से दो घंटे तक लेट हुईं। इनमें एसीएपी एक्सप्रेस 1.45 घंटे। छत्तीसगढ़ 2.20 घंटे। झेलम 1.45 घंटे। खजुराहो इंटरसिटी 1.05 घंटे। पंजाबमेल 1.20 घंटे देरी से आई। डाउन ट्रैक 2.10 बजे और अप ट्रैक 6.15 बजे शुरू हुआ: एपी एसी ट्रेन के रैक को ग्वालियर स्टेशन पर रवाना किए जाने के बाद दोपहर 2.10 बजे डाउन ट्रैक पर पहली ट्रेन समता एक्सप्रेस को ग्वालियर से आगरा के लिए रवाना किया गया। अप ट्रैक को ओएचई दुरुस्त करने के बाद 6.15 बजे शुरू किया गया। इस पर भिंड-ग्वालियर ट्रेन व छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को डीजल इंजन से रवाना करने के बाद मुरैना के आसपास रोकी गई गई पंजाब मेल, उदयपुर इंटरसिटी व ताज को ग्वालियर की ओर रवाना किया गया।

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